Faridabad/Alive News: व्हॉट्सऐप पर कंपनी के सीएमडी की फोटो लगाकर 50 लाख रुपये की साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ठगी की रकम में से 29 लाख रुपये बैंक खातों में फ्रीज करवा दिए। आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सेक्टर-28 निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि 17 सितंबर को उसके व्हॉट्सऐप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया। उस नंबर की प्रोफाइल फोटो पर उसकी कंपनी के सीएमडी की तस्वीर लगी हुई थी। मैसेज में एक बैंक खाता नंबर भेजकर उसमें एक करोड़ रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया। शिकायतकर्ता ने इस पर कंपनी के खाते से बताए गए बैंक खाते में 50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का पता चलने पर साइबर थाना सेंट्रल में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी अजय ने ‘अजय मैनपॉवर’ नाम से एक फर्म बना रखी थी। फर्म का बैंक खाता नासिर के माध्यम से आगे अविनाश तक पहुंचा और अविनाश ने इसे जयारवन को दिया। इसके बाद जयारवन ने टेलीग्राम के जरिए बैंक खाते की जानकारी साइबर ठगों तक पहुंचाई। वहीं, अदनान ने फर्म का करंट अकाउंट खुलवाया था, जबकि रिजवान के पास खाते का एक्सेस था। पुलिस के अनुसार, रिजवान ठगी के दौरान होटल में बैठकर खाते को ऑपरेट कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय और अदनान खान निवासी मुंबई तथा अविनाश, नासिर, जयारवन और रिजवान निवासी गुजरात के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, अजय, नासिर और अदनान दसवीं पास हैं, जबकि अविनाश ग्रेजुएट और जयारवन ने मास्टर डिग्री हासिल की है। अजय हार्डवेयर सप्लाई, अविनाश मेडिकल सप्लाई और जयारवन प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है।
पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।

