March 8, 2026

फरीदाबाद मैनुअल स्कैवेंजिंग मुक्त जिला प्रमाणित : उपायुक्त

Faridabad/Alive News: उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिशा-निर्देशानुसार और मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में रोजगार के निषेध और उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत जिला फरीदाबाद को 11 अक्टूबर 2024 से आधिकारिक तौर पर मैनुअल स्कैवेंजिंग मुक्त जिला के रूप में प्रमाणित किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह सरकार और जिला प्रशासन की यह पहल व्यापक सर्वेक्षणों, नमस्ते और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं के तहत पुनर्वास प्रयासों और वैधानिक प्रावधानों के सख्त  पालन के माध्यम से  मैनुअल स्कैवेंजिंग को खत्म करने के लिए जिले की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि जिले में मैनुअल स्कैवेंजिंग के किसी भी मामले  की पहचान नहीं की गई है और सफाई कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं।

उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि यह घोषणा (नमस्ते पोर्टल पर विधिवत अपलोड की गई है। जिला प्रशासन इस लक्ष्य को प्राप्त करने में उनके अटूट समर्थन के लिए स्थानीय अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों और समुदाय सहित सभी हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त करता। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा नोटिस के जारी होने के 15 दिनों के भीतर मैनुअल स्कैवेंजिंग के संबंध में समर्थन साक्ष्य के साथ लिखित रूप में हस्ताक्षरित  सार्वजनिक दावे या आपत्तियां आमंत्रित किए गए हैं।

पहली बार उल्लंघन पर हो सकती है 1 वर्ष तक की कैद :
उपायुक्त ने बताया कि सभी नागरिकों, संगठनों, और संबंधित पक्षों को सूचित किया जाता है कि मैला ढोने वालों के रोजगार पर प्रतिबंध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत निम्नलिखित प्रावधान लागू हैं। देशभर में मैला ढोने वालों का उपयोग पूर्णतः निषिद्ध है। सुरक्षा उपकरणों और उचित सुरक्षात्मक उपायों के बिना सीवरेज और सेप्टिक टैंक की सफाई पर रोक। अस्वच्छ शौचालयों का निर्माण या रखरखाव पूर्णतः प्रतिबंधित । पहली बार उल्लंघन पर 1 वर्ष तक की कैद और 50,000 रुपये तक का जुर्माना। दोबारा उल्लंघन पर 2 वर्ष तक की कैद और/या 1,00,000 रुपये तक का जुर्माना।

प्रभावित व्यक्तियों के अधिकार :
मानवता और जीवन का अधिकार (संविधान का अनुच्छेद 21)। पुनर्वास का अधिकार (2013 अधिनियम के तहत)। खतरनाक कार्य के दौरान मृत्यु होने पर 30 लाख रुपये का मुआवजा । डीसी ने सभी नागरिकों, ठेकेदारों, और संगठनों से आह्वान किया कि वे उक्त अधिनियम का कड़ाई से पालन करें। उल्लंघन की स्थिति में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास और अधिकारों की रक्षा के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। किसी भी उल्लंघन की सूचना तत्काल उपायुक्त कार्यालय को दें। अधिक जानकारी के लिए जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय फरीदाबाद, से संपर्क करें।