September 4, 2026

फरीदाबाद की 500 परिवारों वाली सोसाइटी को 20 साल से पानी नहीं, मानवाधिकार आयोग सख्त

फरीदाबाद अचीवर्स सोसाइटी में पानी की समस्या को लेकर सरकारी टैंकर

Faridabad/Alive News: सेक्टर-49 स्थित अचीवर्स सोसाइटी (कालिंदी हिल) के करीब 500 परिवार पिछले 20 वर्षों से सार्वजनिक पेयजल आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं। पानी की समस्या को लेकर अब हरियाणा राज्य मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए फरीदाबाद नगर निगम और FMDA से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

आयोग ने अंतरिम राहत के तौर पर सोसाइटी में सरकारी टैंकरों से मुफ्त और लगातार पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर 2026 को होगी।

पानी सुविधा नहीं, जीवन का अधिकार

सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने कहा कि स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल केवल नागरिक सुविधा नहीं, बल्कि जीवन, स्वास्थ्य और गरिमा के लिए जरूरी है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 64/292 का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय तक लोगों को पेयजल की सुविधा से वंचित रखना उनके जीवन के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला है। आयोग ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना है।

2004 में बनी थी सोसाइटी, सूख गए बोरवेल

सोसाइटी के निवासियों के मुताबिक, इसका निर्माण 2004-05 में टीपी-3 योजना के तहत हुआ था। शुरुआत में बोरवेल के जरिए पानी की व्यवस्था होती थी, लेकिन समय के साथ बोरवेल सूख गए। इसके बाद सार्वजनिक जलापूर्ति नेटवर्क नहीं होने के कारण करीब 500 परिवार निजी टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर हैं। निवासियों का कहना है कि निजी टैंकरों पर लगातार खर्च होने से उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

नगर निगम की जिम्मेदारी पर सवाल

आयोग ने हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 267 का हवाला देते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर नगर निगम की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं। आयोग के अनुसार, योजना स्वीकृत होने के बाद पर्याप्त जलापूर्ति की आंतरिक व्यवस्था सुनिश्चित करना संबंधित निकाय की जिम्मेदारी थी। ऐसे में दो दशक तक सार्वजनिक जलापूर्ति नेटवर्क नहीं पहुंचने के कारणों की जांच जरूरी है।

पक्का समाधान होने तक मुफ्त टैंकर से पानी

मानवाधिकार आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा के अनुसार, अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने अंतरिम व्यवस्था के तहत सोसाइटी में सरकारी टैंकरों से निःशुल्क और निर्बाध पानी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। यह व्यवस्था तब तक जारी रखने के निर्देश हैं, जब तक सोसाइटी के लिए स्थायी जलापूर्ति का समाधान नहीं हो जाता। आयोग ने फरीदाबाद नगर निगम आयुक्त और FMDA के CEO को मामले में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। अब अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि सार्वजनिक जलापूर्ति की व्यवस्था में देरी के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।