July 3, 2026

दिल्ली हाई कोर्ट ने ध्रुव राठी के विवादित वीडियो पर GAC को 15 दिन में फैसला देने का निर्देश

दिल्ली हाई कोर्ट ने ध्रुव राठी के विवादित यूट्यूब वीडियो पर GAC को 15 दिन में फैसला देने का निर्देश दिया।

New Delhi/Alive News: दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय कमिटी (Grievance Appellate Committee-GAC) को निर्देश दिया कि वह यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक विवादित यूट्यूब वीडियो को हटाने की मांग पर 15 दिनों के भीतर फैसला करे।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि तय समय के भीतर आदेश का पालन नहीं होने पर मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।

यह मामला वकील अमिता सचदेवा द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। उन्होंने 21 मार्च 2026 को ध्रुव राठी के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो ‘Can Hindus Eat Beef: Kerala Story 2 Exposed’ पर आपत्ति जताई है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि वीडियो में भगवान राम, माता सीता और भगवान कृष्ण के बारे में यह दावा किया गया कि वे मांस और शराब का सेवन करते थे। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह दावा गलत है और इससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने GAC को निर्देश दिया कि वह 15 दिनों के भीतर अपना फैसला सुनाए और इसकी जानकारी अदालत को भी दे। न्यायालय ने कहा कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो इसे गंभीरता से देखा जाएगा।

क्या है GAC?

शिकायत अपीलीय कमिटी (GAC) केंद्र सरकार द्वारा गठित एक निकाय है। यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य ऑनलाइन इंटरमीडियरी द्वारा किसी कंटेंट या अकाउंट से जुड़े शिकायतों पर लिए गए फैसलों के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई करती है।

फिलहाल हाई कोर्ट ने वीडियो की सामग्री पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केवल GAC को निर्धारित समय के भीतर शिकायत पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।