August 9, 2026

धर्मेंद्र प्रधान बोले- जेन-जी को भटकाने की कोशिश हुई, PM मोदी से चर्चा के बाद दिया इस्तीफा

Dharmendra Pradhan speaks about resignation and Gen Z

New Delhi/Alive News: पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे को लेकर पहली बार सार्वजनिक रूप से बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जेन-जी यानी नई पीढ़ी देश के युवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है और कुछ लोगों ने उन्हें भटकाने की कोशिश की। प्रधान ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के बाद ही शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।

प्रधान शनिवार को भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जेन-जी की आकांक्षाओं और संकल्प को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, युवाओं के सपनों के सामने शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी भी छोटी है, इसलिए उनके लिए मंत्री का पद महत्वपूर्ण नहीं था।

BJD कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

कार्यक्रम के दौरान बीजू जनता दल (BJD) के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधान ने कहा कि वह प्रदर्शन और नारेबाजी से परेशान नहीं हैं। उन्होंने खुद को किसान का बेटा बताते हुए कहा कि अगर उन्हें वापस जाने के लिए कहा जाएगा, तब भी वह दोबारा आएंगे।

प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्होंने ओडिशा के करोड़ों लोगों का सिर कभी शर्म से नहीं झुकने दिया और जब तक वह जीवित हैं, लोगों के भरोसे को नहीं तोड़ेंगे।

‘नई पीढ़ी का विरोध नहीं, उसे समझना जरूरी’

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्हें जेन-जी की नाराजगी या विरोध से परेशानी नहीं हुई। उनके अनुसार, नई पीढ़ी का विरोध करने के बजाय उसे समझना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि भारत में हर साल करीब दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं और पिछले 10 वर्षों में लगभग 20 करोड़ बच्चे इस दुनिया में आए हैं। इन युवाओं के अपने सपने हैं और यही पीढ़ी भारत को आगे ले जाएगी।

प्रधान ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं ने हमेशा बदलाव का नेतृत्व किया है और इसके लिए बलिदान भी दिया है। उन्होंने कहा कि आज की जेन-जी भी अपने समय में बदलाव की भूमिका निभा रही है।

PM मोदी से मुलाकात के बाद इस्तीफा दिया

प्रधान ने अपने इस्तीफे को लेकर कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांगों को स्वीकार करने के लिए प्रधानमंत्री से मंजूरी मांगी थी।

प्रधान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने उनकी बात पर सहमति जताई और बाद में युवाओं से बातचीत भी की। इसके बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया।

NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के करीब 35 दिन बाद 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।