June 12, 2026

रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे कनाडा और फिलीपींस, चीन की आक्रामकता पर लगाएंगे लगाम

Delhi/Alive News: कनाडा और फिलीपींस दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामकता के कड़े आलोचक रहे हैं। अब दोनों देश रविवार को एक अहम रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। इस समझौते के तहत दोनों देश संयुक्त युद्ध अभ्यास करेंगे और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करेंगे, ताकि किसी भी आक्रामकता को रोका जा सके। फिलीपींस के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 

दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहे हैं, ताकि कानून का शासन मजबूत हो और व्यापार व निवेश के नए अवसर बढ़ें। यह कदम फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के उस प्रयास से मेल खाता है, जिसके तहत वह अपने देश की सैन्य ताकत को मजबूत करने के लिए अन्य देशों से रक्षा संबंध बढ़ाना चाहते हैं। दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस का सामना चीन जैसी ताकतवर सेना से है।

चीन की ओर से इस पर कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आई है। चीन ने फिलीपींस पर आरोप लगाया है कि वह संयुक्त गश्त और युद्ध अभ्यास के जरिए अमेरिका और अन्य देशों के साथ मिलकर ‘क्षेत्रीय स्थिरता को बिगाड़ने’ का काम कर रहा है। चीन दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर अपना दावा करता है, जबकि 2016 में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने इसे अवैध करार दिया था। यह फैसला 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून पर आधारित था, लेकिन चीन ने इस फैसले को खारिज कर दिया।

चीन ने विवादित क्षेत्रों में फिलीपींस की तटरक्षक नौकाओं और मछुआरों की नावों पर पानी की तोपों से हमला किया है और खतरनाक तरीके से उनके रास्ते में रुकावटें डाली हैं। इन घटनाओं के कारण कई बार जहाजों की टक्करें हुई हैं और फिलीपींस के कई अधिकारियों को चोटें भी आई हैं।

वियतनाम, मलयेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी लंबे समय से इस क्षेत्रीय विवाद में शामिल हैं। रविवार को फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिलबर्टो टियोडोरो जूनियर अपने कनाडाई समकक्ष डेविड मैकगिंटी के साथ मनीला में बैठक के बाद ‘स्टेटस ऑफ विजिटिंग फोर्सेज एग्रीमेंट’ पर हस्ताक्षर करेंगे। फिलीपींस के रक्षा विभाग ने बताया कि यह समझौता अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत करेगा और ‘शक्तिशाली देशों के स्वार्थी हितों के लिए नियमों को तोड़-मरोड़ने के प्रयासों’ का विरोध करेगा।