August 3, 2026

महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी, 3 साल बाद कोर्ट का फैसला

महिला पहलवान यौन शोषण मामले में बरी होने के बाद मीडिया से बात करते बृजभूषण शरण सिंह।

New Delhi/Alive News: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में पूर्व भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। इस मामले में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर को भी बरी किया गया।

फैसला सुनाए जाने के समय बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर दोनों कोर्ट में मौजूद थे। अदालत ने कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके, इसलिए उन्हें बाइज्जत बरी किया जाता है।

फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि यदि कोई आरोप साबित हो जाएगा तो वह सजा स्वीकार करेंगे। उन्होंने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा।”

यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था। उस समय विनेश फोगाट, साक्षी मलिक सहित कई महिला पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद अप्रैल 2023 में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।

इस मामले में करीब तीन वर्षों के दौरान कुल 127 सुनवाई हुईं। 2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। बृजभूषण शरण सिंह जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे, जबकि मई 2024 में अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय किए थे और उसके बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई थी।

मामले में शुरुआत में छह महिला पहलवानों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इनमें एक नाबालिग पहलवान ने बाद में अपनी शिकायत वापस ले ली थी और अपना बयान बदल दिया था।

कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद भी शिकायतकर्ता पक्ष चाहे तो 60 दिनों के भीतर हाईकोर्ट में विशेष अनुमति लेकर फैसले को चुनौती दे सकता है।

फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह के आवास पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। उनके बेटे करण भूषण ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सत्य की जीत हुई है। वहीं भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि अदालत के फैसले से कुश्ती जगत में खुशी का माहौल है।