Faridabad/Alive News: सेक्टर-77 स्थित बीपीटीपी पार्क एलीट फ्लोर्स के पीई ब्लॉक की लेन-2 में सुरक्षा गेट लगाने को लेकर विवाद सामने आया है। निवासियों का आरोप है कि बीपीएमएस ने पहले गेट लगाने की अनुमति दी, लेकिन काम शुरू होने के बाद 7 अक्टूबर को साइट टीम ने इसे रुकवा दिया। इससे लेन में रहने वाले परिवारों में नाराजगी है।
निवासियों के अनुसार, पीई-30 से पीई-43 तक की लेन में करीब 25 से 30 परिवार रहते हैं। उनका कहना है कि केएलजेकी ओर से अनधिकृत प्रवेश और आवारा पशुओं के आने की आशंका के चलते उन्होंने प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गेट लगाने का प्रस्ताव रखा था। यह डेड-एंड लेन है, जहां से सामान्य आवागमन की जरूरत नहीं पड़ती। निवासियों ने यह भी कहा कि परिसर में पीई-83 से पीई-116 और पार्क की ओर स्थित यूनिट्स के बीच पहले से गेट लगा हुआ है।
निवासियों का कहना है कि 24 सितंबर को बीपीएमएस की ओर से गेट लगाने की लिखित स्वीकृति जारी की गई थी। इसके बाद प्रबंधन की शर्तों और अंडरटेकिंग के अनुसार आवश्यक सहमति पूरी की गई। 3 अक्टूबर को हस्ताक्षरित सहमति भेजने के बाद निवासियों ने गेट बनाने वाले ठेकेदार को अग्रिम भुगतान कर काम शुरू करवा दिया। हालांकि, 7 अक्टूबर को बीपीएमएस की साइट टीम ने काम आगे बढ़ाने से रोक दिया।
निवासियों का सवाल है कि जब प्रबंधन ने पहले अनुमति दे दी थी और उसके आधार पर उन्होंने पैसे खर्च किए, तो बाद में काम रोकने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि गेट लगाने के लिए जिला उपायुक्त कार्यालय से अतिरिक्त अनुमति की जरूरत है, तो बीपीएमएस और संबंधित प्रबंधन को विभाग से समन्वय कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
निवासियों ने यह भी कहा कि उनसे कॉमन एरिया मेंटेनेंस शुल्क लिया जाता है, इसके बावजूद सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरत के लिए उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
निवासियों ने रखीं चार प्रमुख मांगें
पीई ब्लॉक की लेन-2 के निवासियों ने पहले जारी स्वीकृति के आधार पर गेट लगाने का काम दोबारा शुरू कराने, अतिरिक्त अनुमति की जरूरत होने पर बीपीएमएस द्वारा संबंधित विभाग से समन्वय करने और काम रोकने के फैसले का लिखित स्पष्टीकरण देने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने बीपीटीपी प्रबंधन से मामले में हस्तक्षेप कर जल्द समाधान कराने की अपील की है।
निवासियों का कहना है कि गेट लगाने का पूरा खर्च वे स्वयं उठा रहे हैं और उनकी मांग केवल परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से जुड़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रबंधन इस मामले में जल्द निर्णय लेकर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े काम को अनावश्यक देरी से बचाएगा।

