June 6, 2026

अल-फलाह यूनिवर्सिटी में बढ़ी सुरक्षा, कम हुए मरीज और क्लासेस; गांव व छात्र भय के माहौल में

al-flah

Faridabad/Alive News: दिल्ली ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का माहौल पूरी तरह बदल गया है। पहले जहां क्लासें सामान्य रूप से चल रही थीं, अब स्टूडेंट्स क्लास में कम जा रहे हैं। कई डॉक्टर और मेडिकल स्टूडेंट्स भी अपने घर लौट रहे हैं। धौज गांव में स्थित इस यूनिवर्सिटी के आसपास भी डर का माहौल है। पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार कैंपस में मौजूद हैं।

कश्मीरी डॉक्टर क्लास लेना बंद

10 नवंबर के दिल्ली ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियां यूनिवर्सिटी की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। छात्रों ने बताया कि कश्मीर से आए डॉक्टर और प्रोफेसर अब क्लास लेने नहीं आ रहे। पहले वे कम समय देते थे, लेकिन अब पूरी तरह से क्लास बंद कर दी है। इसका सबसे ज्यादा असर MBBS फाइनल ईयर के छात्रों की पढ़ाई और रैंक पर पड़ रहा है।

आतंक की साजिश का खुलासा

जांच में सामने आया है कि यूनिवर्सिटी के अंदर डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन और डॉ. उमर नबी अपने नेटवर्क के साथ आतंकी गतिविधियों में शामिल थे। डॉ. उमर ने दिल्ली ब्लास्ट में खुद को उड़ा लिया। बाकी आरोपी जांच एजेंसियों की गिरफ्त में हैं। उनके संपर्क में आए अन्य डॉक्टर, छात्र, मस्जिद के इमाम और अस्पताल के कई कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है।

कैंपस में बाहरी लोगों की एंट्री बंद

यूनिवर्सिटी में अब किसी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जा रहा। सिर्फ अस्पताल में दिखाने आने वाले मरीजों को ही अंदर आने की अनुमति है। छात्र दिनभर हॉस्टल में ही रहने को मजबूर हैं और कैंपस में पहले जैसी चहल-पहल गायब है।

5 दिन से मरीजों का एडमिशन बंद

अस्पताल में पहले रोजाना 500 से ज्यादा मरीज OPD में आते थे, लेकिन अब पिछले 5 दिनों से किसी मरीज को एडमिट नहीं किया जा रहा। जो लोग आ रहे हैं, उन्हें सिर्फ दवा देकर वापस भेजा जा रहा है। इससे मेडिकल इंटर्न भी अस्पताल नहीं आ रहे।

हॉस्टल और कैंपस की सुरक्षा कड़ी

हॉस्टल में हर फ्लोर पर अब दो गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। हॉस्टल से बाहर जाने पर छात्रों को वजह बतानी पड़ती है और लौटते समय सामान की जांच होती है। परिवार के सदस्यों को भी हॉस्टल में आने की अनुमति नहीं है।

गर्ल्स हॉस्टल में अलग से दो लेडी गार्ड तैनात की गई हैं और शाम 6 बजे के बाद छात्राओं को बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। फैकल्टी रेजिडेंस की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है और वहां सिर्फ जांच एजेंसी के लोग ही आ-जा सकते हैं।

हर गेट पर गार्ड, कैंपस का सुरक्षा घेरा मजबूत

यूनिवर्सिटी लगभग 73 एकड़ में फैली हुई है और यहां कई गेट हैं। पहले जहां अधिकतर गेट बंद और बिना सुरक्षा के थे, अब हर गेट पर गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। दिन-रात सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

कैंटीन और पार्क सूने पड़े

करीब दो हजार छात्र यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं, लेकिन अब कैंटीन, पार्क और मैस लगभग खाली नजर आते हैं। जहां पहले भारी भीड़ होती थी, अब केवल कुछ ही छात्र नजर आते हैं।

धौज गांव में भी डर का माहौल

यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों के पकड़े जाने से धौज गांव में लोग डरे हुए हैं। गांव के कुछ लोगों का कहना है कि बाहरी लोग यहां आकर उनके गांव का नाम खराब कर रहे हैं और कुछ युवाओं को गलत रास्ते पर ले गए।