November 2, 2026

पांच रुपये की पर्ची के लिए ऑनलाइन भुगतान की शर्त, दो महीने के बच्चे को नहीं मिला इलाज

Faridabad/Alive News: डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बीके नागरिक अस्पताल में ओपीडी पंजीकरण के लिए ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन इस बदलाव ने अस्पताल आने वाले कई मरीजों के सामने नई मुश्किल खड़ी कर दी है। अब पांच रुपये की पर्ची बनवाने के लिए भी ऑनलाइन भुगतान करना पड़ रहा है। सोमवार को जीवन नगर से अपने दो महीने के बच्चे को इलाज के लिए लेकर पहुंची महिला को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। मोबाइल फोन नहीं होने और ऑनलाइन भुगतान की जानकारी न होने के कारण वह बच्चे की ओपीडी पर्ची तक नहीं बनवा सकी और बिना इलाज कराए वापस लौट गई।

दरअसल, सोमवार को बीके नागरिक अस्पताल का दौरा करने पहुंचे एनएचएम निदेशक वीरेंद्र यादव ने सभी काउंटरों पर शत-प्रतिशत ऑनलाइन भुगतान लागू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अस्पताल में नकद भुगतान लेना बंद कर दिया गया। पहले मरीज पांच रुपये नकद देकर आसानी से पर्ची बनवा लेते थे, लेकिन नई व्यवस्था में स्मार्टफोन नहीं रखने वाले और ऑनलाइन भुगतान नहीं कर पाने वाले मरीजों के लिए पंजीकरण कराना मुश्किल हो गया है। ओपीडी में कई मरीजों ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई। कुछ मरीजों और कर्मचारियों के बीच भुगतान को लेकर बहस भी हुई।

कर्मचारियों के सामने भी असमंजस

ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य होने के बाद ओपीडी काउंटरों पर कर्मचारियों को भी मरीजों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। कर्मचारियों का कहना है कि मरीज नकद भुगतान करना चाहते हैं, लेकिन अधिकारियों के आदेश के चलते वे नकद पैसे नहीं ले सकते। ऐसे में मरीजों के साथ उनकी बहस हो जाती है।

क्या कहना था सीएमओ का

अस्पताल में ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य किया गया है। अगर मरीजों को ऑनलाइन भुगतान करने में परेशानी हो रही है तो जल्द ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

  • डॉ. जयंत आहूजा, सीएमओ, बीके नागरिक अस्पताल