October 29, 2026

स्ट्रोक ने छीनी चलने की ताकत, समय पर इलाज से सात दिन में घर लौटी महिला

Prabhjot/Alive News

Faridabad – शरीर के बाईं ओर अचानक कमजोरी आने से 60 वर्षीय महिला के लिए चलना-फिरना मुश्किल हो गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जांच में दिमाग की दाईं ओर की धमनी में खून का थक्का मिला। डॉक्टरों ने दवा से थक्का घोलने और आधुनिक तकनीक से उसे निकालने की प्रक्रिया अपनाई। उपचार के बाद महिला की हालत में सुधार हुआ और सात दिन बाद वह अपने पैरों पर चलकर घर लौट गईं। विश्व स्ट्रोक दिवस पर ऐसे मामले बताते हैं कि समय पर इलाज मिलने से गंभीर दिव्यांगता का खतरा कम किया जा सकता है।

एकॉर्ड अस्पताल के सीएमडी डॉ. युवराज कुमार के अनुसार, स्ट्रोक दिमाग तक रक्त की आपूर्ति बाधित होने या रक्त वाहिका फटने से होता है। इससे मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रोजाना 60 से 70 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनकी उम्र 30 से 60 वर्ष के बीच है।

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल के हेड, न्यूरोलॉजी डॉ. विनीत बंगा ने बताया कि अचानक चेहरे का टेढ़ा होना, हाथ-पैर में कमजोरी, बोलने में परेशानी या संतुलन बिगड़ना स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।

केस स्टडी 

52 वर्षीय व्यक्ति की धमनी में मिला प्लाक

एक अन्य मामले में 52 वर्षीय व्यक्ति चक्कर आने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। जांच में दिमाग के पिछले हिस्से को रक्त पहुंचाने वाली बेसिलर आर्टरी में प्लाक मिला। डॉक्टरों ने स्टेंट डालकर रक्त प्रवाह सुचारु किया। समय पर उपचार से गंभीर स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद मिली।

40 वर्षीय व्यक्ति में दिखे मिनी स्ट्रोक के लक्षण

एक 40 वर्षीय व्यक्ति के अचानक बोलने में परेशानी और एक हाथ में कमजोरी जैसे लक्षण सामने आने पर मरीज को तत्काल आपातकालीन जांच की जरूरत पड़ती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे संकेत कुछ समय बाद ठीक भी हो गए।