October 24, 2026

भाखरी डंपिंग यार्ड के विरोध में धरना खत्म, पुलिस ने उखाड़ा टेंट; पथराव में 4 पुलिसकर्मी घायल

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर भाखरी गांव के पास डंपिंग यार्ड बनाने के विरोध में चल रहा धरना शनिवार दोपहर पुलिस ने हटवा दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव किए जाने से चार पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आईं। पुलिस ने करीब 20 लोगों को हिरासत में लिया। वहीं, धरनास्थल पर लगाया गया टेंट भी हटा दिया गया। कार्रवाई के दौरान फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड की एक लेन को करीब आधा किलोमीटर तक बंद रखा गया।

पुलिस ने महिलाओं को भी हटाया

शनिवार को नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अनिल यादव ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों से धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान कुछ महिलाएं सड़क पर कुर्सियां डालकर लाठियां लेकर बैठ गईं। पुलिस ने उन्हें भी वहां से हटाया और कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस वैन में बैठाकर ले गई। स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

15 अक्टूबर से चल रहा था धरना

भाखरी गांव के पास डंपिंग यार्ड बनाने के विरोध में ग्रामीण 15 अक्टूबर से धरना दे रहे थे। नगर निगम ने 7 अक्टूबर को यहां कूड़ा डालना शुरू किया था। इसके विरोध में भाखरी और आसपास के गांवों के लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। 16 अक्टूबर को पुलिस ने धरने पर बैठे ग्रामीणों और स्थानीय पार्षद जगदीश फागना को हिरासत में लिया था। हालांकि, अगले दिन ग्रामीणों ने फिर से धरना शुरू कर दिया। इसके बाद से प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास कर रहा था।

भूजल प्रदूषित होने की आशंका

ग्रामीणों का कहना है कि भाखरी गांव अरावली क्षेत्र में स्थित है, जो पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील है। यहां डंपिंग यार्ड बनाने और कूड़ा डालने से पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। उनका कहना है कि कचरे से निकलने वाला दूषित पानी जमीन में रिसकर भूजल को प्रदूषित कर सकता है। इससे आसपास के गांवों के लोगों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि बंधवाड़ी में कचरा डालने पर रोक लगाए जाने के बाद नगर निगम दूसरे स्थानों पर कूड़ा पहुंचा रहा है। ऐसे में अरावली क्षेत्र में भी कचरे के ढेर बढ़ने का खतरा है।

HPGCL की जमीन पर प्रस्तावित है डंपिंग यार्ड

भाखरी गांव के पास जिस जमीन पर कचरा निस्तारण केंद्र बनाने की योजना है, वह हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPGCL) की है। नगर निगम ने इस जमीन में से 50 एकड़ जमीन लीज पर ली है। निगम की योजना शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए यहां व्यवस्था करने की है।

रोजाना निकलता है 1,200 टन कचरा

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, फरीदाबाद में रोजाना करीब 1,200 टन कचरा निकलता है। प्रतापगढ़ और नचौली स्थित डंपिंग यार्ड में पहले से ही कचरे के ढेर लगे हुए हैं। प्रतापगढ़ में स्थानीय लोगों के विरोध के बाद कचरा डालने की मात्रा सीमित कर दी गई थी। इसके बाद नगर निगम को भाखरी गांव के पास वैकल्पिक व्यवस्था करने की जरूरत पड़ी।

नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अनिल यादव ने कहा कि कचरे के निस्तारण के लिए योजना तैयार की जा रही है। शहर से निकलने वाले कचरे को एकत्र करना भी जरूरी है। इसी कारण धरना हटाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कुछ समय बाद लोगों को राहत मिलेगी।