October 16, 2026

गैस, बिजली-पानी का कनेक्शन काटने की धमकी देकर साइबर ठगी, APK फाइल डाउनलोड करते ही खाली हो सकता है बैंक खाता

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद पुलिस ने गैस, बिजली और पानी के बिल के नाम पर हो रही साइबर ठगी को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साइबर अपराधी व्हाट्सऐप और SMS के जरिए बिल बकाया होने या कनेक्शन काटने की धमकी देकर लोगों को फर्जी लिंक और APK फाइल भेज रहे हैं। ऐसी फाइल डाउनलोड करने और उसे जरूरी अनुमतियां देने से मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारी का दुरुपयोग हो सकता है और बैंक खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि साइबर ठग खुद को बिजली विभाग, गैस कंपनी या अन्य सेवा प्रदाता का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते हैं। वे बिल का तुरंत भुगतान करने, बिल अपडेट करने या कनेक्शन चालू रखने के नाम पर लिंक या APK फाइल भेजते हैं। कई लोग कनेक्शन कटने के डर से बिना जांच किए इन पर क्लिक कर देते हैं।

पुलिस के अनुसार, ऐसे फर्जी ऐप मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद SMS, स्क्रीन कंट्रोल या अन्य संवेदनशील अनुमतियों का दुरुपयोग कर सकते हैं। इससे साइबर अपराधियों को OTP और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी हासिल करने का मौका मिल सकता है। इसलिए अनजान नंबर से भेजी गई किसी भी फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए।

साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें सावधानी

फरीदाबाद पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि कनेक्शन काटने की धमकी मिलने पर घबराकर भुगतान न करें। बिल की जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत ग्राहक सेवा से जांचें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और मैसेज में दिए गए नंबर पर बिना सत्यापन के संपर्क न करें।

इसके अलावा, किसी भी अनजान ऐप को SMS, Accessibility या स्क्रीन कंट्रोल जैसी संवेदनशील अनुमतियां न दें। अपना OTP, PIN और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। बिल का भुगतान हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, अधिकृत ऐप या सत्यापित माध्यम से ही करें।

पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की है कि संदिग्ध मैसेज को बिना जांचे दूसरों को न भेजें और अपने परिवार के बुजुर्गों को भी इस तरह की ठगी के बारे में जागरूक करें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते से साइबर ठगी के जरिए पैसे निकल जाते हैं, तो उसे तुरंत 1930 पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करना चाहिए और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साथ ही, अपने बैंक को सूचना देकर खाते और संबंधित लेनदेन की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। ठगी से जुड़े मैसेज, मोबाइल नंबर, लिंक और लेनदेन का विवरण भी सुरक्षित रखना चाहिए।

फरीदाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, रकम को रोकने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है, हालांकि पैसे वापस मिलने की गारंटी नहीं होती। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी धमकी भरे संदेश पर जल्दबाजी में कार्रवाई करने के बजाय पहले उसकी सत्यता जांचें और डिजिटल सुरक्षा के नियमों का पालन करें।