October 13, 2026

SIR के खिलाफ विपक्ष की याचिका में 14 खामियां, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने बताईं कमियां; खड़गे के ID कार्ड की कॉपी भी धुंधली

SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं का विरोध प्रदर्शन

New Delhi/Alive News: वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विपक्षी नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में रजिस्ट्री ने करीब 14 खामियां बताई हैं। इनमें कोर्ट फीस 220 रुपये कम जमा करना, दस्तावेजों के कुछ पन्ने गायब होना और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की कॉपी साफ नहीं होना शामिल है।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, रजिस्ट्री ने याचिका दाखिल करने वाले वकील से खड़गे के ID कार्ड की स्पष्ट कॉपी मांगी है। इसके अलावा, 9 याचिकाकर्ताओं की ओर से याचिका दायर करने के लिए लिखित सहमति नहीं दी गई थी। कुछ दस्तावेजों के पन्ने पढ़ने योग्य नहीं थे, जबकि कुछ पन्ने गायब भी बताए गए हैं।

12 अक्टूबर को दायर इस याचिका में भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को पक्षकार बनाया गया है।

विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने दो FIR दर्ज की हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये मामले बाराखंभा रोड और तिलक मार्ग थानों में दर्ज किए गए हैं।

सोमवार को राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेता SIR के खिलाफ याचिका दाखिल करने के लिए मार्च करते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

SIR के तहत हटाए गए वोटरों के नामों की जांच की मांग

विपक्षी नेताओं ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाने की मांग की है। इस समिति में तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों को शामिल करने का प्रस्ताव है।

याचिका के मुताबिक, समिति को तय समय सीमा के भीतर SIR प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों और उसमें किए गए बदलावों का स्वतंत्र ऑडिट करना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने और गड़बड़ियों से जुड़े सवाल उठे हैं।

राहुल गांधी के घर विपक्षी सांसदों की चाय पर चर्चा

SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर आगे की रणनीति बनाने के लिए राहुल गांधी ने मंगलवार शाम विपक्षी सांसदों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और छात्र संगठनों को अपने आवास पर हाई टी के लिए आमंत्रित किया है।

यह बैठक सुनहरी बाग रोड स्थित उनके आवास पर प्रस्तावित है। इसमें संयुक्त विरोध-प्रदर्शन की रणनीति और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर चर्चा होने की उम्मीद है। इससे पहले विपक्षी सांसदों की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी प्रस्तावित है।

10 अक्टूबर: राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान

10 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च किया था। राहुल गांधी, ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी, जबकि अन्य सांसदों ने विजय चौक पर धरना दिया था।

मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा था कि विपक्ष इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट में उठाएगा।

11 अक्टूबर: CJI से मिलने का समय मांगा

INDIA ब्लॉक के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखा था। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने 12 अक्टूबर को अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपने के लिए मुलाकात का समय मांगा था।

हालांकि, CJI सूर्यकांत ने विपक्षी सांसदों की मुलाकात की मांग स्वीकार नहीं की। जवाब में उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में याचिका दाखिल करने का रास्ता अपनाने को कहा।

12 अक्टूबर: CJI ने न्यायिक मर्यादा का हवाला दिया

विपक्षी नेताओं की मांगों के संदर्भ में CJI सूर्यकांत ने कहा कि दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन उनका मुद्दा नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विचाराधीन मामलों पर इस तरह चर्चा करना न्यायिक मर्यादा के खिलाफ होगा।

SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद जारी है। अब सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर आगे की कार्रवाई और रजिस्ट्री की ओर से बताई गई खामियों को दूर करना महत्वपूर्ण होगा।