Faridabad/Alive News: फरीदाबाद के एनआईटी औद्योगिक क्षेत्र स्थित MTC ISPAT (P) LTD कंपनी के गोदाम से लोहे की शीट चोरी करने के मामले में अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चोरी की साजिश कंपनी के गोदाम प्रभारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने चोरी की गई पूरी लोहे की शीट और वारदात में इस्तेमाल ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद कर ली है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु सिंह निवासी गांव गभाना, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश), वीरेंद्रपाल सिंह निवासी गांव अल्हदादपुर, अलीगढ़, श्याम बाबू मिश्रा निवासी सहेरामऊ, पीलीभीत, हाल निवासी गांव सीही, फरीदाबाद और भवानी शंकर निवासी धूंधी नगला, जिला अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर पुरुषोत्तम लाल गुप्ता ने थाना मुजेसर में शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, कंपनी के गोदाम में HR Coils और Sheets का करीब 6 से 7 हजार टन स्टॉक रहता है। कंपनी प्रबंधन समय-समय पर स्टॉक का मिलान और ऑडिट करता है। हाल ही में खरीदे गए लोहे के माल की मात्रा और साइज में अंतर मिला। इसके बाद गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई।
जांच के दौरान 27 अगस्त 2026 को शाम करीब 7 बजे से 7:55 बजे तक गोदाम के सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। इसके बाद कंपनी की ओर से चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में करीब 3 लाख 84 हजार रुपये की लोहे की शीट चोरी होने की बात कही गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस जांच और पूछताछ में सामने आया कि हिमांशु सिंह पिछले करीब 15 वर्षों से कंपनी में काम कर रहा था और गोदाम प्रभारी के पद पर तैनात था। पुलिस के अनुसार, उसने अपने साथी श्याम बाबू मिश्रा के साथ मिलकर लोहे की शीट चोरी करने की योजना बनाई। इसके बाद हिमांशु ने माल को गोदाम से बाहर ले जाने के लिए अपने साले वीरेंद्रपाल सिंह को ट्रैक्टर सहित बुलाया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लोहे की शीट ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड की और उसे उत्तर प्रदेश के खैर, अलीगढ़ में भवानी शंकर की दुकान पर पहुंचा दिया। भवानी शंकर ट्रॉली बनाने का काम करता है। अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का पूरा माल और ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद कर ली।
पुलिस के अनुसार, आरोपी भवानी शंकर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद जेल भेजा जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

