Faridabad/Alive News: डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर ठगी के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। फर्जी बैंक कॉल, नकली कस्टमर केयर, संदिग्ध लिंक, ऑनलाइन निवेश और डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर धमकी देकर लोगों को ठगने के मामले सामने आ रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. हृदयेश कुमार ने लोगों से ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि साइबर ठगी से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर जल्दबाजी में कोई फैसला न लिया जाए। बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी और कार्ड की जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक या किसी संस्था के नाम से फोन आने पर भी उसकी पहचान की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करनी चाहिए।
डॉ. कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया, एसएमएस और ई-मेल पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। कस्टमर केयर नंबर भी सर्च इंजन से लेने के बजाय संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से प्राप्त करना सुरक्षित है। उन्होंने लोगों को अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड नहीं करने और मोबाइल की स्क्रीन या रिमोट एक्सेस साझा नहीं करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड स्कैन करने से हमेशा पैसा प्राप्त नहीं होता, बल्कि गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर खाते से रकम भी कट सकती है। ऑनलाइन नौकरी, निवेश, लॉटरी और इनाम के लालच में बिना जांच-पड़ताल के पैसा नहीं लगाना चाहिए।
साइबर ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचना देने के साथ 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत की जा सकती है। उनका कहना है कि साइबर सुरक्षा का मूल मंत्र है- रुकें, सोचें, सत्यापित करें और फिर कार्रवाई करें।

