Faridabad/Alive News: परमानेंट लोक अदालत के आदेश के बावजूद आरटीई के पात्र छात्र को दाखिला नहीं देने के मामले में ग्रैंड कोलंबस स्कूल सेक्टर-16ए की प्रिंसिपल को अदालत में पेश होने के आदेश दिए गए हैं। सिविल जज कोमल दहिया की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रिंसिपल के खिलाफ कंडीशनल पेशी वारंट जारी किया है। उन्हें 9 अक्टूबर को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला आरटीई के तहत पात्र छात्र कार्तिक को दाखिला नहीं देने से जुड़ा है। हरियाणा अभिभावक एकता मंच के जिला महासचिव एडवोकेट बीएस बिरदी के अनुसार, परमानेंट लोक अदालत ने छात्र को दाखिला देने के आदेश दिए थे। स्कूल प्रबंधन ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने 24 अगस्त को लोक अदालत के दाखिला देने के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भी छात्र को स्कूल में दाखिला नहीं दिया गया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इससे पहले भी स्कूल को समन जारी किया गया था, लेकिन तय तारीख पर स्कूल की ओर से कोई प्रतिनिधि पेश नहीं हुआ। मंच का आरोप है कि यह न्यायिक प्रक्रिया में जानबूझकर शामिल नहीं होने का मामला है।
मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि परमानेंट लोक अदालत के आदेश के बाद 10 से अधिक निजी स्कूलों ने आरटीई के पात्र विद्यार्थियों को दाखिला दिया है। मंच ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से ग्रैंड कोलंबस स्कूल की मान्यता और एनओसी की समीक्षा करने की मांग की है।

