Prabhjot Kour/Alive News
Faridabad: जिस उम्र में पहले हार्ट संबंधी बीमारियां ज्यादा देखने को मिलती थीं, अब उसी का खतरा युवाओं में बढ़ता दिखाई दे रहा है। डॉक्टरों के अनुसार खराब खानपान, तनाव, नींद की कमी, नशे की आदत और अनियमित जीवनशैली के कारण कम उम्र में हार्ट अटैक और एमआई के मामले सामने आ रहे हैं। विश्व हृदय दिवस के मौके पर विशेषज्ञों ने युवाओं में बढ़ते हृदय रोग को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शेखर के अनुसार अस्पताल में रोजाना हार्ट संबंधी बीमारी के करीब 50 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें युवाओं की संख्या भी काफी है। कम उम्र में हार्ट अटैक और एमआई के मामले सामने आ रहे हैं। उनके अनुसार पहले ऐसी बीमारियां 70 से 80 वर्ष की उम्र में अधिक देखने को मिलती थीं, लेकिन अब कम उम्र के मरीज भी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
लाइफस्टाइल में बदलाव बड़ा कारण
एशियन हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. एलके झा ने बताया कि युवाओं में जिम और वर्कआउट का चलन बढ़ा है। मसल्स जल्दी बढ़ाने के लिए कुछ युवा बिना विशेषज्ञ की सलाह के सप्लीमेंट और स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते हैं। इनके गलत इस्तेमाल से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और हार्मोनल संतुलन प्रभावित हो सकता है, जिसका असर हृदय पर पड़ता है। अस्पताल में रोजाना करीब 30 से 40 मरीज इस तरह की समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं।
योगाचार्य डॉ. संदीप ने युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार एक्सरसाइज करने के साथ प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और हल्के योग को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलना, तेज धड़कन या चक्कर आने को केवल थकान मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह स्टेरॉयड या बॉडी-बिल्डिंग दवाएं लेने से बचना, धूम्रपान व नशे से दूरी, पर्याप्त नींद और संतुलित खानपान पर ध्यान देना जरूरी है।

