Faridabad/Alive News: स्नातक कक्षाओं में दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ने से विद्यार्थियों को प्रवेश लेने के लिए अतिरिक्त समय जरूर मिल गया है, लेकिन कॉलेजों में पढ़ाई काफी आगे बढ़ चुकी है। जिले के सरकारी कॉलेजों में अगस्त के मध्य से कक्षाएं चल रही हैं। अब विद्यार्थियों को असाइनमेंट दिए जा रहे हैं और विषयवार पीपीटी भी तैयार करवाई जा रही हैं। ऐसे में दाखिला लेने में देरी कर रहे विद्यार्थियों को कॉलेज आने के बाद छूटी हुई पढ़ाई और जरूरी शैक्षणिक गतिविधियां एक साथ पूरी करनी होंगी।
एक हजार से अधिक सीटें खाली
जिले के आठ सरकारी कॉलेजों में स्नातक की करीब सात हजार सीटें हैं। इनमें एक हजार से अधिक सीटें अभी भी खाली बताई जा रही हैं। कॉलेज अधिकारियों के अनुसार, कई विद्यार्थी अपनी पसंद के पाठ्यक्रम में सीट नहीं मिलने के कारण दाखिला नहीं ले रहे हैं। वहीं, कुछ विद्यार्थी निजी कॉलेजों या दूसरे जिलों के संस्थानों का रुख कर रहे हैं। इससे सरकारी कॉलेजों में उपलब्ध सीटों के बावजूद सभी सीटें भर नहीं पा रही हैं।
रोजगारपरक कोर्स की मांग अधिक
सेक्टर-16 स्थित राजकीय कॉलेज के नोडल अधिकारी रविंद्र और बल्लभगढ़ स्थित राजकीय महिला कॉलेज की नोडल अधिकारी सपना नागपाल के अनुसार, इस बार विद्यार्थियों में बीबीए, बीसीए और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों को लेकर अधिक रुचि है। इन कोर्सों में सीटें लगभग भर चुकी हैं। पसंद का कोर्स नहीं मिलने पर कई विद्यार्थी दूसरे कॉलेजों का रुख कर रहे हैं। कुछ विद्यार्थी बाद में उपलब्ध सीटों के आधार पर दूसरे पाठ्यक्रम में दाखिला ले रहे हैं।
जर्जर भवन में पढ़ाई की मजबूरी
सेक्टर-16 स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय कॉलेज में करीब 2200 सीटें हैं। कॉलेज भवन को करीब दस वर्ष पहले जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद नई इमारत का निर्माण नहीं होने से विद्यार्थियों को पुराने भवन में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। इसी माह विद्यार्थियों ने भवन की समस्या को लेकर कॉलेज गेट पर प्रदर्शन भी किया था।
पीजी-1 : दाखिला होने के बाद बढ़ेगा पढ़ाई का बोझ
शिक्षकों के अनुसार, जिन विद्यार्थियों का दाखिला अब होगा, उन्हें नियमित कक्षाओं के साथ पहले दिए जा चुके असाइनमेंट और पीपीटी भी पूरे करने होंगे। इससे शुरुआत में उन पर पढ़ाई का अतिरिक्त दबाव रहेगा। कॉलेजों में पढ़ाई आगे बढ़ने के कारण नए दाखिल विद्यार्थियों को अपने सहपाठियों के साथ तालमेल बनाने में भी समय लग सकता है।

