Faridabad/Alive News: सेक्टर-29 पुल के पास मंगलवार को सर्विस कार्बाइन से गोली चलने से 47 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल वीरेंद्र की मौत हो गई। गोली उनकी छाती में लगी थी। वह फरीदाबाद एस्कॉर्ट गार्द में तैनात थे। घटना के बाद पुलिस ने मौके से सर्विस कार्बाइन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र सेक्टर-30 स्थित पुलिस लाइन में परिवार के साथ रहते थे। मंगलवार को वह किसी काम से सेक्टर-29 आए थे। उनके पास सर्विस कार्बाइन भी थी। इसी दौरान वह पुल के पास बनी एक झोपड़ी में चले गए, जहां दो चारपाई रखी हुई हैं और पुलिसकर्मी अक्सर आराम करने के लिए बैठते हैं।
करीब डेढ़ बजे पुल के पास ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने झोपड़ी से गोली चलने की आवाज सुनी। वे तुरंत मौके पर पहुंचे तो वीरेंद्र खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। उनकी छाती में गोली लगी थी और पास में सर्विस कार्बाइन पड़ी थी।
साथी पुलिसकर्मी उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से कार्बाइन को कब्जे में लिया और फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। परिवार को भी घटना की जानकारी दे दी गई, जिसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे।
2001 में पुलिस में भर्ती हुए थे वीरेंद्र
पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र वर्ष 2001 में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वह मूल रूप से पलवल के गांव गोड़ौता के रहने वाले थे। सेक्टर-30 पुलिस लाइन में उनकी ड्यूटी थी। सेक्टर-29 पुल के पास बने ट्रैफिक बूथ के नजदीक स्थित झोपड़ी में पुलिसकर्मी अक्सर आराम करते हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि घटना ड्यूटी के दौरान हुई। हालांकि, गोली किन परिस्थितियों में चली, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीरेंद्र सेक्टर-29 अकेले गए थे या उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी था।
पुलिस कर रही घटना की परिस्थितियों की जांच
ACP सेंट्रल राजीव कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिली थी और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि गोली किस परिस्थिति में चली और वीरेंद्र किस काम से सेक्टर-29 गए थे। पुलिस ने परिवार को सूचना दे दी है और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

