International/Alive News: लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर भारत सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वह भारत से भागे हुए नहीं हैं, बल्कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण भारत वापस नहीं आ पा रहे हैं।
विजय माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट करते हुए दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में उनकी संपत्तियों से 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वसूली का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, यह राशि उन बैंकों को दी गई, जिनका पैसा किंगफिशर एयरलाइंस पर बकाया था।
माल्या पर SBI समेत कई बैंकों से किंगफिशर एयरलाइंस के लिए करीब 9 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने का आरोप है। जांच और कानूनी कार्रवाई के बीच वह 2 मार्च 2016 को भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे।
माल्या बोले- मेरे साथ अन्याय हो रहा है
माल्या ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में हाल के CJP प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने लिखा कि उनके साथ हो रहे व्यवहार को देखकर कभी-कभी उन्हें लगता है कि शायद कॉकरोच बनकर जिंदगी बेहतर होती।
उन्होंने कहा, “मैं भगोड़ा नहीं हूं। ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया मुझे भारत लौटने से रोक रही है।”
माल्या ने ED के कथित हलफनामे का एक हिस्सा साझा करते हुए दावा किया कि उसमें वर्ष 2021 तक 14,131.60 करोड़ रुपये की वसूली दिखाई गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी रकम की वसूली के बावजूद उन्हें लगातार बैंकों को धोखा देने वाला क्यों बताया जाता है।
2016 में भारत छोड़ा, 2019 में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित
विजय माल्या मार्च 2016 में ब्रिटेन चले गए थे। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया। इस कानून के तहत आर्थिक अपराध के आरोपियों की देश और विदेश में मौजूद संपत्तियों को जब्त करने और बेचकर बकाया राशि वसूलने की कार्रवाई की जा सकती है। भारत सरकार लंबे समय से ब्रिटेन से माल्या के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया था अंतिम मौका
इस साल फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट ने माल्या को अदालत की कार्यवाही से बचने को लेकर फटकार लगाई थी। अदालत ने कहा था कि जो व्यक्ति जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया से बचता है, वह राहत की मांग नहीं कर सकता।
कोर्ट ने माल्या को अंतिम मौका देते हुए यह स्पष्ट करने को कहा था कि वह भारत लौटना चाहते हैं या नहीं। माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून और खुद को भगोड़ा घोषित किए जाने के फैसले को चुनौती दी हुई है।

