New Delhi/Alive News: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में हो रही लगातार देरी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में देरी को लेकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है। हाईवे का काम तय समय पर पूरा होना था, लेकिन करीब 15 साल बाद भी केवल 94 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है।
नितिन गडकरी ने बुधवार को पणजी में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि हाईवे का काम पूरा होने के बाद वह इसके उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे। गडकरी ने कहा कि खराब काम करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है और वह ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।
गडकरी ने इस साल 22 जुलाई को राज्यसभा में जानकारी दी थी कि पिछले तीन वर्षों के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में खराब गुणवत्ता और अन्य खामियों के मामलों में 103 ठेकेदारों और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया। इनके खिलाफ जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई भी की गई।
मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण का काम वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। परियोजना को पहले 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जमीन अधिग्रहण, जरूरी मंजूरियों और ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं के कारण काम लगातार आगे बढ़ता गया। करीब 440 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के कई हिस्सों में काम पूरा होने के बावजूद गड्ढे, जलभराव, मरम्मत और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।
टोल शुरू, लेकिन कई हिस्सों में काम जारी
हाईवे पर मई में खारपाड़ा टोल प्लाजा पर टोल वसूली शुरू कर दी गई थी। इसके बावजूद परियोजना के कुछ हिस्सों में निर्माण और सुधार का काम जारी है। वर्ष 2021 में बंदरों के लिए बनाया गया एक ओवरपास ढहने के बाद भी निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे।
मुंबई को कोंकण के रास्ते गोवा से जोड़ने वाला यह हाईवे पर्यटन, स्थानीय कारोबार और आवागमन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इसके महाराष्ट्र वाले हिस्से की लंबाई करीब 460 किलोमीटर बताई जाती है।

