Faridabad/Alive News: प्राइवेट स्कूल संचालकों के अनुरोध पर शिक्षा निदेशक हरियाणा द्वारा एक बार फिर फॉर्म-6 जमा कराने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 9 सितंबर तक किए जाने पर हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने कड़ी नाराजगी जताई है। मंच ने आरोप लगाया कि शिक्षा निदेशक पिछले कई वर्षों से नियमों के विपरीत निजी स्कूल संचालकों को लाभ पहुंचाने के लिए फॉर्म-6 जमा कराने की तारीख लगातार बढ़ा रहे हैं। मंच ने इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा और प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा कि हरियाणा शिक्षा नियमावली के अनुसार फॉर्म-6 जमा कराने की निर्धारित अंतिम तारीख 1 फरवरी है। इसके बावजूद शिक्षा निदेशक द्वारा निजी स्कूल संचालकों के अनुरोध पर बार-बार तारीख बढ़ाई जा रही है।
मंच के प्रदेश संरक्षक सुभाष लांबा और प्रदेश लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस विरदी ने बताया कि हाईकोर्ट में याचिका दायर करने से पहले सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। मंच की ओर से मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को पत्र भेजकर इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर मंच के पत्र पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो संबंधित अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने सवाल उठाया कि जब निजी स्कूल संचालक चालू शैक्षणिक सत्र में अप्रैल से सितंबर तक की बढ़ी हुई फीस अभिभावकों से वसूल चुके हैं, तो अब उनसे यह पूछने का क्या फायदा कि शिक्षा सत्र 2026-27 में आगे कितनी फीस बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सितंबर तक फॉर्म-6 जमा कराने की प्रक्रिया का औचित्य समझ से परे है।
मंच का कहना है कि नियमानुसार फॉर्म-6 में निजी स्कूलों द्वारा प्रस्तावित फीस, फंड और अन्य सभी जानकारियों की सत्यता एवं वैधानिकता की जांच शिक्षा निदेशक को करनी चाहिए। मंजूरी मिलने के बाद ही निजी स्कूल आगामी शिक्षा सत्र में फीस बढ़ाकर वसूल सकते हैं, लेकिन आरोप है कि पिछले कई शिक्षा सत्रों से इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।
मंच ने यह भी आरोप लगाया कि नियमानुसार स्कूल प्रबंधन को फॉर्म-6 में दी गई सभी जानकारियां अभिभावकों की जानकारी के लिए स्कूल की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करनी चाहिए। हालांकि कई स्कूल ऐसा नहीं कर रहे हैं।
अभिभावक एकता मंच का आरोप है कि फॉर्म-6 में दी गई जानकारियों की पूरी जानकारी अभिभावकों तक न पहुंचे, इसलिए कई स्कूल इसे सार्वजनिक नहीं करते। मंच ने अभिभावकों से एकजुट होकर स्कूलों की मनमानी और निजी स्कूल संचालकों को कथित संरक्षण दिए जाने के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।

