International/Alive News: अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय परिवारों के लिए सितंबर का वीजा बुलेटिन राहत लेकर आया है। परिवार आधारित कई इमिग्रेशन कैटेगरी में फाइनल एक्शन डेट आगे बढ़ाई गई हैं। हालांकि, रोजगार आधारित EB-1 कैटेगरी में भारत के लिए कोई बदलाव नहीं हुआ है।
सितंबर का वीजा बुलेटिन वित्त वर्ष 2026 का आखिरी बुलेटिन है। अमेरिका का वित्त वर्ष 1 अक्टूबर से 30 सितंबर तक चलता है। ऐसे में 1 अक्टूबर से नए वार्षिक वीजा नंबर उपलब्ध होंगे, जिससे कुछ कैटेगरी में आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है।
F-1 कैटेगरी में 13 महीने की बढ़त
अमेरिकी नागरिकों के अविवाहित वयस्क बेटे-बेटियों के लिए F-1 कैटेगरी में भारत और चीन की फाइनल एक्शन डेट 15 दिसंबर 2018 से बढ़कर 22 जनवरी 2020 हो गई है। यानी इस कैटेगरी में करीब 13 महीने की प्रगति हुई है।
F-2B में करीब 20 महीने आगे बढ़ी तारीख
ग्रीन कार्ड धारकों के अविवाहित वयस्क बेटे-बेटियों के लिए F-2B कैटेगरी में भी बड़ी बढ़त हुई है। इसकी तारीख 1 जनवरी 2018 से बढ़कर 22 अगस्त 2019 हो गई है। इस तरह एक महीने में करीब 20 महीने की प्रगति हुई है।
F-3 में करीब 29 महीने की बढ़त
अमेरिकी नागरिकों के विवाहित बेटे-बेटियों के लिए F-3 कैटेगरी की फाइनल एक्शन डेट 15 मई 2012 से बढ़कर 22 अक्टूबर 2014 हो गई है। इसमें करीब 29 महीने की बढ़त हुई है।
वहीं, ग्रीन कार्ड धारकों के पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों के लिए F-2A कैटेगरी में भी एक महीने की बढ़त हुई है। इसकी तारीख 22 जुलाई 2026 से बढ़कर 22 अगस्त 2026 हो गई है।
EB-1 में भारतीयों के लिए बदलाव नहीं
रोजगार आधारित EB-1 कैटेगरी में सितंबर में भारत के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसकी फाइनल एक्शन डेट 15 अक्टूबर 2022 बनी हुई है। इस कैटेगरी में असाधारण क्षमता वाले लोग, उत्कृष्ट प्रोफेसर और रिसर्चर तथा कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं।
वित्त वर्ष 2026 में परिवार आधारित इमिग्रेशन के लिए कुल 2.26 लाख वीजा उपलब्ध हैं, जबकि रोजगार आधारित इमिग्रेशन की सीमा 1,86,317 है। हर देश के लिए 7 प्रतिशत की प्रति-देश सीमा लागू है।
भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए प्रस्तावित बिल अहम
अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर एक प्रस्तावित बिल भी भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें लंबे समय से अमेरिका में रह रहे कुछ लोगों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने का नया रास्ता देने का प्रस्ताव है।
यह प्रस्ताव खास तौर पर भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि H-1B वीजा धारकों में भारतीयों की संख्या काफी बड़ी है। मौजूदा व्यवस्था में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर प्रति देश सीमा लागू होने के कारण कई भारतीय आवेदकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
अगर यह प्रस्ताव कानून बनता है और पात्रता की शर्तें पूरी होती हैं, तो अमेरिका में लगातार सात साल से रह रहे पात्र H-1B वीजाधारकों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने का एक नया विकल्प मिल सकता है। हालांकि, यह फिलहाल प्रस्ताव है और इसे कानून बनने के लिए अमेरिकी विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा।

