September 4, 2026

फरीदाबाद में 5 रेस्टोरेंट पर स्वास्थ्य विभाग की रेड, खुले में मिला खाना; ₹14.45 लाख के चालान

फरीदाबाद में रेस्टोरेंट की जांच करती स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद एनआईटी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर पांच रेस्टोरेंट पर छापेमारी की। इनमें ओम स्वीट्स और हल्दीराम जैसे प्रमुख रेस्टोरेंट भी शामिल हैं। टीम ने खाद्य सामग्री के रखरखाव, किचन की सफाई और खाना बनाने के दौरान अपनाए जा रहे स्वच्छता मानकों की जांच की।

जांच के दौरान कई जगह नियमों की अनदेखी सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ खाद्य सामग्री खुले में रखी मिली। खाना बनाने वाले कर्मचारियों ने ग्लव्स नहीं पहने थे और कई जगह साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली।

5 रेस्टोरेंट पर ₹14.45 लाख के चालान

नगर निगम के MOH (नगर स्वास्थ्य अधिकारी) डॉ. नीतीश परवाल के अनुसार, नियमों का पालन नहीं करने पर पांचों रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की गई। सभी प्रतिष्ठानों पर कुल 14 लाख 45 हजार रुपये के चालान किए गए। इसमें ओम स्वीट्स पर 6 लाख रुपये और हल्दीराम पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने रेस्टोरेंट संचालकों को भविष्य में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का पालन करने की चेतावनी दी।

एक ही तेल को बार-बार इस्तेमाल करने का आरोप

जांच के दौरान ओम स्वीट्स में खाना बनाने के लिए एक ही तेल को बार-बार इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई। इसके अलावा कुछ रेस्टोरेंट में कूड़ा जमा मिला, जिससे दुर्गंध की समस्या थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संचालकों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

खाद्य सामग्री ढककर रखने के निर्देश

अधिकारियों ने रेस्टोरेंट संचालकों को खाद्य सामग्री को हमेशा ढककर और सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए। खाना बनाने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता का ध्यान रखने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए कहा गया। रेस्टोरेंट परिसर और किचन में नियमित सफाई रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आगे भी होगी जांच

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नीतीश परवाल ने कहा कि शहर के रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की समय-समय पर जांच जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।