Faridabad/Alive News: फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को फरीदाबाद समेत तीन शहरों में छापेमारी की। ED के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीमों ने फरीदाबाद, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में कुल 9 ठिकानों पर तलाशी ली।
यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
सेक्टर-15 और सेक्टर-8 में पहुंची ED की टीम
फरीदाबाद में ED की टीमों ने सेक्टर-15 और सेक्टर-8 स्थित एक्सपोर्ट कारोबारियों के घरों पर तलाशी ली। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-15 के मकान नंबर 972 में रहने वाले नमन अग्रवाल और सेक्टर-8 के मकान नंबर 389 में रहने वाले विनोद अग्रवाल के घर पर भी कार्रवाई की गई।
हालांकि, इन ठिकानों से क्या बरामद हुआ, इसकी अलग-अलग जानकारी ED की ओर से अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स से जुड़ा है मामला
ED की जांच मेसर्स जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े कथित फर्जी ITC नेटवर्क को लेकर है।
एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क में फर्जी इनवॉयस और ई-वे बिल तैयार करने का आरोप है। इन दस्तावेजों के जरिए बिना वास्तविक माल की आवाजाही के ITC का लाभ लेने और उसे दूसरी इकाइयों को ट्रांसफर करने की बात सामने आई है।
9.63 करोड़ रुपये के ITC का गलत लाभ लेने का आरोप
जांच में GST अधिकारियों के स्तर पर 9.63 करोड़ रुपये के ITC का कथित तौर पर गलत तरीके से लाभ लेने की बात सामने आई है। वहीं, करीब 10.28 करोड़ रुपये के ITC को आगे दूसरी इकाइयों को पास किए जाने की जानकारी भी जांच एजेंसी ने दी है।
ED के मुताबिक, इस कथित फर्जीवाड़े से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा।
फर्जी कंपनियों के जरिए रकम घुमाने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, कथित नेटवर्क में कई फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। इनके जरिए सर्कुलर लेन-देन, पैसों की लेयरिंग और नकद निकासी किए जाने का आरोप है।
अब ED इन लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित तौर पर पैसा किन लोगों और कंपनियों तक पहुंचा।
दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटा रही ED
तलाशी का उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित रकम की मनी ट्रेल का पता लगाना, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना और दस्तावेजी व डिजिटल सबूत जुटाना है।
फिलहाल ED की कार्रवाई और जांच जारी है। सोमवार की तलाशी के बाद गिरफ्तारी या किसी बड़ी बरामदगी की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

