International/Alive News: पेरू के नाज्का शहर के पास शनिवार को एक टूरिस्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 11 यूरोपीय पर्यटकों और पायलट व को-पायलट सहित कुल 13 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 7 इटली, 2 स्पेन और 2 जर्मनी के पर्यटक शामिल हैं।
यह विमान इका शहर से उड़ान भरकर पर्यटकों को करीब 2,000 साल पुरानी प्रसिद्ध नाज्का लाइन्स दिखाने जा रहा था। नाज्का लाइन्स के पास पहुंचते ही विमान एक खेत में गिर गया और उसमें आग लग गई। हादसे के बाद विमान पूरी तरह जल गया और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
पेरू सरकार ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं। राष्ट्रपति केइको फुजीमोरी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। साथ ही नाज्का एयरपोर्ट का संचालन अस्थायी रूप से रोकने पर भी विचार किया जा रहा है।
दुर्घटनाग्रस्त विमान का संचालन पेरू की एयरलाइन एरोडियाना कर रही थी। कंपनी पिछले 14 वर्षों से सेसना ग्रैंड कारवां विमान के जरिए पर्यटकों को नाज्का लाइन्स की सैर कराती रही है। फिलहाल कंपनी ने हादसे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
क्या हैं नाज्का लाइन्स?
नाज्का लाइन्स पेरू की राजधानी लीमा से करीब 400 किलोमीटर दक्षिण में नाज्का और पाल्पा के रेगिस्तान में बनी विशाल प्राचीन आकृतियां हैं। माना जाता है कि इन्हें 200 ईसा पूर्व से 600 ईस्वी के बीच नाज्का सभ्यता ने बनाया था।
इन आकृतियों में बंदर, हमिंगबर्ड, मकड़ी, कोंडोर, व्हेल, पेड़ और हाथ जैसी कई विशाल आकृतियां शामिल हैं। इनका पूरा आकार जमीन से दिखाई नहीं देता, इसलिए इन्हें देखने के लिए पर्यटक विशेष विमान या हेलिकॉप्टर की सवारी करते हैं।
1994 में यूनेस्को ने नाज्का लाइन्स को विश्व धरोहर (World Heritage Site) घोषित किया था।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
नाज्का क्षेत्र में इससे पहले भी पर्यटक विमानों के हादसे हो चुके हैं। वर्ष 2022 में एक विमान दुर्घटना में 7 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2010 में हुए एक अन्य हादसे में 6 लोगों की जान गई थी।

