Assam/Alive News: असम के शिवसागर जिले में दिखो नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। असम-नागालैंड सीमा के पास स्थित हिलोनी नेपाली खुटी गांव महज एक घंटे के भीतर बाढ़ की चपेट में आ गया। इस आपदा में करीब 200 गोरखा परिवारों का गांव पूरी तरह उजड़ गया।
बताया जा रहा है कि 19 जुलाई को नागालैंड की पहाड़ियों में हुई भारी बारिश के बाद दिखो नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। उस समय ग्रामीण नदी में बहकर आई लकड़ियां और जलावन इकट्ठा कर रहे थे। अचानक नदी का बहाव इतना तेज हो गया कि लोगों को घर का सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला।
स्थानीय निवासी बलराम शर्मा ने बताया कि उनका परिवार दो दिन तक ऊंची जगह पर फंसा रहा, जिसके बाद राहत दल ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने दावा किया कि इस हादसे में उनके कम से कम सात पड़ोसियों की मौत हो गई।
एक अन्य ग्रामीण प्रकाश शर्मा ने नाव की मदद से अपने परिवार के 14 लोगों की जान बचाई, लेकिन उनके 60 मवेशियों में से केवल चार ही बच सके। उनका कहना है कि गांव को फिर से बसने और सामान्य स्थिति में लौटने में कई दशक लग सकते हैं।
इस गांव की आजीविका मुख्य रूप से डेयरी फार्मिंग पर निर्भर थी। ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब चार हजार मवेशी थे, जिनमें से अधिकांश बाढ़ में बह गए। कई परिवारों की रोजी-रोटी पूरी तरह खत्म हो गई है।
बाढ़ के बाद पूरे गांव में रेत, पत्थर, उखड़े हुए पेड़, टूटी टिन की छतें और बांस के ढांचे बिखरे पड़े हैं। कई जगह मरे हुए मवेशियों के शव पड़े होने से दुर्गंध फैल गई है। कभी आबाद रहने वाला यह गांव अब पूरी तरह वीरान नजर आ रहा है।
प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, जबकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

