Faridabad/Alive News: भूपानी-ललपुर रोड स्थित सतयुग दर्शन ट्रस्ट ने लोगों से समभाव और समदृष्टि अपनाकर आध्यात्मिक जीवन की ओर बढ़ने का आह्वान किया है। ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2014 से यहां विश्व का पहला निःशुल्क समभाव-समदृष्टि स्कूल (ध्यानकक्ष) संचालित किया जा रहा है। यह केंद्र भारत सरकार के इनक्रेडिबल इंडिया पोर्टल पर सूचीबद्ध है और हरियाणा पर्यटन विभाग ने इसे पर्यटन स्थल के रूप में भी मान्यता दी है।
ट्रस्ट के अनुसार, इस ध्यानकक्ष में लोगों को आत्मज्ञान, आत्मबोध और आध्यात्मिक जीवन का मार्ग सिखाया जाता है। यहां यह समझाया जाता है कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल भौतिक उपलब्धियां प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने वास्तविक आत्मस्वरूप को पहचानकर परम आनंद की प्राप्ति करना है।
प्रतिनिधियों ने बताया कि समभाव का अर्थ जीवन की हर परिस्थिति, जैसे सुख-दुख, मान-अपमान, अमीरी-गरीबी और जन्म-मरण में समान भाव बनाए रखना है। वहीं समदृष्टि का मतलब सभी लोगों को बिना किसी जाति, धर्म, ऊंच-नीच या भेदभाव के समान दृष्टि से देखना है।
ट्रस्ट का कहना है कि इस साधना के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, शांति और प्रेम का विकास करता है। इससे द्वेष, अहंकार और नकारात्मक भावनाएं समाप्त होती हैं तथा व्यक्ति समाज और मानवता की सेवा के लिए प्रेरित होता है।
सतयुग दर्शन ट्रस्ट ने लोगों से अपील की है कि वे परिवार और मित्रों के साथ इस निःशुल्क समभाव-समदृष्टि स्कूल से जुड़कर आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त करें। ट्रस्ट का मानना है कि इस विचारधारा से समाज में एकता, शांति और सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा।

