Faridabad/Alive News: साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने 30 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। पुलिस के अनुसार, ये अब तक करीब 100 बैंक खाते ठगों को उपलब्ध करा चुके हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहरुख (24) और अंसार (20) निवासी गांव सिंगार, जिला नूंह (मेवात), सौरभ (30) निवासी सुल्तानपुरी, दिल्ली तथा अरुण (22) निवासी रोहतक के रूप में हुई है। साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने 28 जून को मेवात और दिल्ली से चारों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने अरुण को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, जबकि शाहरुख, अंसार और सौरभ को आगे की पूछताछ के लिए चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, तिरखा कॉलोनी, बल्लभगढ़ निवासी एक आरसीसी टाइल्स निर्माता ने शिकायत दी थी कि 17 जनवरी 2026 को एक व्यक्ति ने खुद को सीआईएसएफ का अधिकारी बताकर व्हाट्सएप पर दिल्ली स्थित सीआईएसएफ यूनिट के लिए आरसीसी टाइल्स का फर्जी परचेज ऑर्डर और अन्य दस्तावेज भेजे। इसके बाद उसने विक्रेता पंजीकरण (Vendor Registration) शुल्क के नाम पर 59 हजार रुपये मांगे।
पीड़ित ने आरोपी की बातों में आकर 30 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर उसने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि सौरभ और अरुण ने राहुल गुप्ता से बैंक खाता लेकर आगे शाहरुख और अंसार को उपलब्ध कराया। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी में किया गया। मामले में खाताधारक कमल किशोर समेत तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि शाहरुख और अंसार एक ही गांव के रहने वाले हैं और दोनों ने अब तक करीब 100 बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराए हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

