June 25, 2026

OMR शीट में हेरफेर कर 262 अयोग्य उम्मीदवार बने पॉलिटेक्निक लेक्चरर, ED की बड़ी कार्रवाई

TRB भर्ती घोटाले में ED की छापेमारी, OMR शीट हेरफेर मामले की जांच

Chennai/Alive News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तमिलनाडु के चर्चित टीचर्स रिक्रूटमेंट बोर्ड (TRB) भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चेन्नई, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और कोयंबटूर में 21 स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई 23 जून को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई।

यह मामला वर्ष 2017 में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर भर्ती परीक्षा के दौरान OMR शीट में कथित हेरफेर से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया है कि 262 अयोग्य उम्मीदवारों को चयनित दिखाने के लिए OMR शीट का एक अतिरिक्त सेट तैयार किया गया था।

कैसे हुआ भर्ती घोटाला?

ईडी ने तमिलनाडु पुलिस द्वारा 2017 में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। आरोप है कि परीक्षा के बाद OMR शीट की स्कैनिंग के दौरान कुछ उम्मीदवारों के अंकों में डिजिटल तरीके से बदलाव किया गया। अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर उनके अंक बढ़ाकर उन्हें चयनित उम्मीदवारों की सूची में शामिल कर दिया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि 385 उम्मीदवारों के नाम पर OMR शीट का दूसरा सेट तैयार किया गया था, जिसके जरिए भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। बाद में जनहित याचिकाओं के माध्यम से इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। इसके बाद परिणाम रद्द कर दिए गए और मामला दर्ज किया गया।

ईडी के अनुसार, मुख्य आरोपी वी. सुब्रमण्यन और उनके सहयोगियों ने तकनीकी कर्मचारियों की मदद से भर्ती प्रक्रिया में धांधली की साजिश रची। एजेंटों और बिचौलियों के जरिए उम्मीदवारों से 14 से 16 लाख रुपये तक नकद वसूले गए।

जांच एजेंसी का दावा है कि यह रकम विभिन्न बैंक खातों, फर्जी फर्मों और सहयोगियों के खातों के माध्यम से घुमाई गई। बाद में इस धन का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने और गहनों में निवेश करने के लिए किया गया।

छापेमारी में क्या मिला?

ईडी की तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं। इनमें विभिन्न सरकारी परीक्षाओं की OMR शीट की कार्बन कॉपी, उम्मीदवारों के प्रमाणपत्र, नकदी लेनदेन का रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज शामिल हैं।

कार्रवाई के दौरान 13.18 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 56 बैंक खाते और 2 डीमैट खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।

जांच के दौरान आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी 36 अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। इन संपत्तियों की गाइडेंस वैल्यू लगभग 9.67 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि बाजार मूल्य 20 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।

ईडी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और भर्ती घोटाले से जुड़ी संपत्तियों की जांच आगे भी जारी रखे हुए है।