June 25, 2026

Venezuela Earthquake: भूकंप आने से पहले गूगल ने भेजा अलर्ट, जानिए कैसे स्मार्टफोन बन गया भूकंप का पहरेदार

Google Earthquake Alert System showing earthquake warning on Android smartphone before Venezuela earthquake

International/Alive News: वेनेजुएला में 24 जून 2026 को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई। रिपोर्टों के अनुसार 7.1 और 7.5 तीव्रता के इन भूकंपों से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। बताया जा रहा है कि यह पिछले 100 वर्षों में वेनेजुएला में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक हैं।

भूकंप के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर कई लोगों ने दावा किया कि उन्हें झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले ही गूगल की ओर से भूकंप चेतावनी का संदेश मिला था। इसके बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा कि आखिर गूगल को भूकंप आने की जानकारी पहले कैसे मिल जाती है।

स्मार्टफोन कैसे बन जाता है भूकंप पहचानने वाला उपकरण?

आज के लगभग हर स्मार्टफोन में एक विशेष सेंसर लगा होता है, जिसे एक्सेलेरोमीटर कहा जाता है। यही सेंसर फोन को घुमाने पर स्क्रीन की दिशा बदलने का काम करता है। लेकिन इसके अलावा यह जमीन में होने वाले कंपन को भी महसूस कर सकता है।

जब किसी क्षेत्र में भूकंप के कारण हल्की कंपन पैदा होती है, तो एंड्रॉयड स्मार्टफोन उसे पहचानकर गूगल के भूकंप चेतावनी तंत्र को संकेत भेज देता है। साथ ही फोन अपनी अनुमानित स्थिति की जानकारी भी साझा करता है।

गूगल कैसे करता है भूकंप की पुष्टि?

गूगल का सिस्टम केवल एक फोन से मिली जानकारी पर भरोसा नहीं करता। जब किसी इलाके से बड़ी संख्या में स्मार्टफोन एक जैसी कंपन दर्ज करते हैं, तो गूगल के सर्वर उस जानकारी का विश्लेषण करते हैं।

यदि कई फोन एक ही समय पर समान प्रकार की कंपन का संकेत भेजते हैं, तो गूगल का सिस्टम समझ जाता है कि वहां भूकंप आया है या आने वाला है। इसके बाद प्रभावित क्षेत्र के लोगों को तुरंत चेतावनी संदेश भेज दिया जाता है।

दुनिया भर में दो अरब से अधिक एंड्रॉयड फोन इस प्रणाली का हिस्सा हैं, जिसके कारण यह दुनिया के सबसे बड़े भूकंप पहचान नेटवर्क में शामिल है।

भूकंप आने से पहले अलर्ट कैसे मिल जाता है?

भूकंप एक साथ नहीं आता, बल्कि तरंगों के रूप में फैलता है। सबसे पहले प्राथमिक तरंगें निकलती हैं, जो बहुत तेज गति से चलती हैं लेकिन इनसे नुकसान अपेक्षाकृत कम होता है। इसके बाद द्वितीयक तरंगें पहुंचती हैं, जो अधिक शक्तिशाली होती हैं और ज्यादातर नुकसान इन्हीं के कारण होता है।

स्मार्टफोन प्राथमिक तरंगों को पहचान लेते हैं और तुरंत इसकी सूचना गूगल के सर्वर तक पहुंचा देते हैं। इंटरनेट के माध्यम से यह सूचना बेहद तेजी से पहुंचती है। ऐसे में द्वितीयक तरंगों के लोगों तक पहुंचने से पहले ही चेतावनी संदेश भेज दिया जाता है।

एंड्रॉयड में मिलते हैं दो प्रकार के भूकंप अलर्ट

सावधानी अलर्ट

यह चेतावनी हल्के भूकंप या कम तीव्रता वाले झटकों की जानकारी देने के लिए भेजी जाती है।

तत्काल कार्रवाई अलर्ट

यह चेतावनी मध्यम या तेज भूकंप आने से पहले जारी की जाती है, ताकि लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और आवश्यक सावधानियां बरत सकें।

अलर्ट पर क्लिक करने पर भूकंप से बचाव और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध होती है।

भारत में भी उपलब्ध है यह सुविधा

एंड्रॉयड भूकंप चेतावनी प्रणाली भारत में वर्ष 2023 से उपलब्ध है। एंड्रॉयड 5.0 या उससे ऊपर के संस्करण वाले स्मार्टफोन में यह सुविधा काम करती है। हालांकि, इसके लिए मोबाइल डेटा या वाई-फाई कनेक्शन का सक्रिय होना आवश्यक है।

यदि कोई व्यक्ति ऐसे अलर्ट प्राप्त नहीं करना चाहता, तो वह अपने फोन की सेटिंग में जाकर इस सुविधा को बंद भी कर सकता है।

भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान गूगल की यह तकनीक लोगों को कुछ सेकंड पहले चेतावनी देकर उनकी सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।