Prabhjot Kaur/Alive News
Noida: भीषण गर्मी के बीच जिला अस्पताल में पेयजल व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब अस्पताल परिसर के बाहर लगे वाटर कूलरों से पानी आना बंद हो गया। पानी न मिलने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को मजबूरी में बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ा।सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल के बाहर तीन वाटर कूलर लगे हुए हैं, लेकिन मंगलवार सुबह तेज धूप और गर्मी के दौरान इनमें से किसी भी वाटर कूलर से पानी नहीं आ रहा था। पानी भरने पहुंचे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। कुछ लोग अस्पताल के अंदर पहली मंजिल पर लगे वाटर कूलर से पानी भरने के लिए गए, जहां पेयजल की व्यवस्था सामान्य मिली। अस्पताल की अन्य मंजिलों पर भी पानी उपलब्ध था, लेकिन बाहर लगे वाटर कूलरों में ही समस्या बनी रही।करीब 30 मिनट बाद दो वाटर कूलरों से पानी की आपूर्ति शुरू हुई, जबकि एक वाटर कूलर बंद ही रहा। जिन कूलरों से पानी आया भी, उनमें पानी का दबाव इतना कम था कि लोगों को एक बोतल भरने में काफी समय लग गया। इससे वहां लोगों की भीड़ लग गई और इंतजार करना पड़ा।मौके पर वाटर कूलरों के आसपास गंदगी भी दिखाई दी, जिससे सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर लगे वाटर कूलरों में पानी न आने की समस्या नई नहीं है। इस संबंध में पहले भी शिकायतें और खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ है।
क्या कहना है सीएमओ का
कई बार वाटर कूलर में खराबी के कारण भी पानी नहीं आता पर जल्द ही इस पर संज्ञान लिया जाएगा, ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो। अब रही बात वाटर कूलर के आस-पास गंदगी की तो अब जो भी व्यक्ति अस्पताल के वाटर कूलर के पास गंदगी फैलाता हुआ दिखा तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।
– अशोक कुमार झा, सीएमओ

