परमाणु कार्यक्रम, लेबनान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य प्रमुख एजेंडे में शामिल
Bürgenstock (Switzerland): ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने के प्रयासों के तहत रविवार को स्विट्ज़रलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में उच्चस्तरीय वार्ता शुरू हुई। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे हैं, जबकि ईरानी पक्ष का नेतृत्व Mohammad Bagher Ghalibaf और Abbas Araghchi कर रहे हैं। अमेरिकी दल में मध्य पूर्व के विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner भी शामिल हैं।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर विवाद
ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है और इसका कारण अमेरिका द्वारा पहले हुए समझौते के कथित उल्लंघन तथा लेबनान में जारी संघर्ष को बताया है। दूसरी ओर अमेरिकी सेना और सेंट्रल कमांड का कहना है कि जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही जारी है और उसे पूरी तरह बंद किए जाने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, इसलिए इस पर किसी भी तरह का संकट अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकता है।
किन मुद्दों पर हो रही है बातचीत?
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वार्ता शुरू होने से पहले कहा कि उन्हें विशेष रूप से दो मुद्दों पर प्रगति की उम्मीद है:
-ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौता
-लेबनान में संघर्ष विराम को मजबूत करना
इसके अलावा प्रतिबंधों में राहत, ईरान की जमी हुई संपत्तियां और क्षेत्रीय सुरक्षा भी चर्चा के प्रमुख विषय हैं।
लेबनान संघर्ष पर वेंस का बयान
स्विट्ज़रलैंड रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में वेंस ने कहा कि इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच हालात में कुछ सुधार देखने को मिला है और तनाव पहले की तुलना में कम हुआ है। हालांकि क्षेत्र में छिटपुट हिंसा अब भी जारी है।
वार्ता पर दुनिया की नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि बर्गेनस्टॉक में हो रही यह बातचीत केवल ईरान-अमेरिका संबंधों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता, वैश्विक तेल बाजार और परमाणु कूटनीति के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

