Faridabad/Alive News: शहर की सड़कों पर राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की ग्रिलें अब खुद दुर्घटनाओं का कारण बनती जा रही हैं। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे लगी सुरक्षा ग्रिलें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
सेक्टर-23 से हार्डवेयर रोड, तिगांव-बल्लभगढ़ रोड, सीही गेट और गांधी कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में ग्रिलें टूटी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर ये ग्रिलें महीनों से खराब हालत में हैं, लेकिन संबंधित विभागों ने अब तक मरम्मत की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है।
सुरक्षा ग्रिलों का उद्देश्य लोगों को निर्धारित स्थानों से ही सड़क पार करने के लिए प्रेरित करना था, लेकिन अब इनके टूटे हिस्सों का इस्तेमाल शॉर्टकट के रूप में किया जा रहा है। तेज रफ्तार वाहनों वाले इन मार्गों पर लोग बच्चों और बुजुर्गों के साथ सीधे सड़क पार करते दिखाई देते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। अपर्याप्त रोशनी के कारण टूटी ग्रिलें साफ दिखाई नहीं देतीं और अचानक सड़क पर आने वाले लोगों या पशुओं की वजह से वाहन चालकों को ब्रेक लगानी पड़ती है। इससे टक्कर और जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि टूटी ग्रिलों के कारण बेसहारा पशु भी आसानी से सड़क पर पहुंच जाते हैं। कई बार पशुओं के अचानक सड़क पर आने से लंबा जाम लग जाता है और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। लोगों ने प्रशासन से शहरभर में क्षतिग्रस्त ग्रिलों का सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने की मांग की है।
क्या कहना है डीसीपी का
टूटी हुई ग्रिलों को लेकर संबंधित विभागों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां यातायात पुलिस के स्तर पर मरम्मत संभव होती है, वहां सुधार कार्य कराया जाता है। साथ ही संबंधित विभागों को भी इस दिशा में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
–जयबीर राठी, डीसीपी ट्रैफिक

