June 16, 2026

ईरान-अमेरिका समझौते पर CIA को शक, ट्रंप को दी चेतावनी; डील से पहले बढ़ी चिंता

ईरान-अमेरिका डील पर CIA प्रमुख जॉन रैटक्लिफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

International/Alive News: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और संभावित समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA इस समझौते को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके वरिष्ठ अधिकारियों को ईरान की मंशा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

ईरान की नीयत पर उठे सवाल

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, ईरान सार्वजनिक रूप से जिन शर्तों पर सहमति जताता दिखाई दे रहा है, अंदरूनी स्तर पर वह उन शर्तों को पूरी तरह स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है। इसी वजह से CIA को ईरान की वास्तविक मंशा पर संदेह है।

रिपोर्ट के मुताबिक, CIA प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने राष्ट्रपति ट्रंप को बताया कि ईरान के बयानों और उसके वास्तविक इरादों में अंतर दिखाई दे रहा है। इस मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी चिंता व्यक्त की है।

ट्रंप प्रशासन में भी मतभेद

सूत्रों के अनुसार, ईरान के साथ होने वाले समझौते को लेकर ट्रंप प्रशासन के भीतर अलग-अलग राय सामने आई हैं। CIA प्रमुख रैटक्लिफ, विदेश मंत्री रुबियो और रक्षा मंत्री हेगसेथ अधिक सतर्क रुख अपनाने के पक्ष में हैं।

वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर इस समझौते के समर्थन में बताए जा रहे हैं। ऐसे में अंतिम निर्णय से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने वरिष्ठ सलाहकारों और अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं।

व्हाइट हाउस में हुई महत्वपूर्ण बैठकें

व्हाइट हाउस ने CIA की चिंताओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी बड़े फैसले से पहले सभी पक्षों की राय सुनते हैं और उसके बाद ही निर्णय लेते हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में ईरान ने परमाणु हथियार विकसित नहीं करने, उच्च स्तर के समृद्ध यूरेनियम का भंडारण न करने और अंतरराष्ट्रीय शर्तों का पालन करने का आश्वासन दिया है।

फ्रीज की गई संपत्तियों पर भी चर्चा

समझौते का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ईरान की विदेशों में फ्रीज की गई संपत्तियों से जुड़ा हुआ है। प्रस्ताव के तहत अमेरिका कुछ प्रतिबंधों में राहत देने और ईरान को उसकी जमा राशि तक पहुंच देने पर विचार कर सकता है।

हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह लाभ तभी मिलेगा, जब ईरान अपने सभी वादों और शर्तों का पूरी तरह पालन करेगा। आर्थिक विकास के लिए प्रस्तावित 300 अरब डॉलर की सहायता भी ईरान के व्यवहार और परमाणु कार्यक्रम पर उसकी प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगी।

समझौते पर टिकी दुनिया की नजर

ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते को पश्चिम एशिया में स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि CIA की चेतावनी और अमेरिकी प्रशासन के भीतर मतभेद यह संकेत देते हैं कि अंतिम समझौते से पहले अभी कई मुद्दों पर स्पष्टता आना बाकी है।

अब सभी की नजर राष्ट्रपति ट्रंप के अंतिम फैसले और दोनों देशों के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर टिकी हुई है।