Alive News Desk: कर्नाटक के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद डीके शिवकुमार रविवार को एक बेहद अलग और अनूठे अंदाज में नजर आए। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा जाने के लिए सड़क मार्ग के बजाय बेंगलुरु मेट्रो को चुना। करीब 40 मिनट के इस सफर के दौरान मुख्यमंत्री ने आम जनता के बीच रहकर सफर किया, लोगों से खुद हाथ मिलाया और युवाओं व सह-यात्रियों के साथ जमकर सेल्फी व फोटो भी खिंचवाई। सीएम के इस सादगी भरे अंदाज की सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है।
जनता को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए लिया फैसला
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि यह फैसला बेंगलुरु की आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। यदि मुख्यमंत्री अपने सदाशिवनगर स्थित आवास से कनकपुरा रोड तक सड़क मार्ग (काफिले के साथ) से जाते, तो सुरक्षा कारणों से बेंगलुरु का सामान्य यातायात भारी रूप से प्रभावित होता और लोगों को जाम से जूझना पड़ता। इसी असुविधा से बचाने के लिए सीएम शिवकुमार ने विधान सौध मेट्रो स्टेशन से ट्रेन पकड़ी और कनकपुरा रोड के अंतिम स्टेशन तक का सफर मेट्रो से तय किया। वहां से वह आगे सड़क मार्ग से कनकपुरा के लिए रवाना हुए।
40 साल के भरोसे के लिए ‘कृतज्ञता यात्रा’
कनकपुरा बेंगलुरु दक्षिण जिले के अंतर्गत आता है, जहां से डीके शिवकुमार विधायक हैं। मेट्रो में सवार होने से पहले मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए इस दौरे को ‘कृतज्ञता यात्रा’ का नाम दिया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने क्षेत्र के लोगों से वादा किया था कि मैं खुद उनसे मिलने आऊंगा। पिछले 40 सालों से जिन्होंने मुझे राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाया और लगातार जिताया, उनके प्रति आभार और कृतज्ञता जताना मेरा पहला कर्तव्य है। अब उनके रुके हुए कार्यों को पूरा करना और उनकी शिकायतें सुनना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”
20 से 25 जगहों पर जनसभा, काम के लिए नियुक्त होंगे विशेष अधिकारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि कनकपुरा दौरे के दौरान स्थानीय जनता से सीधे संवाद करने के लिए लगभग 20-25 स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां वह खुद लोगों के बीच जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कनकपुरा के लोगों के प्रशासनिक कार्यों को तेज गति से पूरा कराने और उनकी समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए वह अलग से विशेष अधिकारियों की नियुक्ति करेंगे। उन्होंने कनकपुरा की जनता की तारीफ करते हुए कहा कि वहां के लोग राजनीतिक रूप से बेहद जागरूक हैं और उनकी सेवा करना उनके लिए गर्व की बात है।
आपको बता दें कि बेंगलुरु मेट्रो का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है और वर्तमान में इसका कुल चालू नेटवर्क 96.1 किलोमीटर तक पहुंच चुका है, जो शहर की लाइफलाइन बन चुका है।
लोग मुझे मेरे पैतृक गांव डोड्डालहल्ली से यहां तक लेकर आए हैं। डोड्डालहल्ली, सथानूर (मेरा पूर्व विधानसभा क्षेत्र), कनकपुरा और बेंगलुरु दक्षिण के लोगों ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद वहां के लोग मुझसे मिलना चाहते थे, लेकिन मैं उन्हें समय नहीं दे पा रहा था। जो लोग यहां मिलने आते थे, वे भी नहीं मिल पाते थे। मैंने भी उनसे बेंगलुरु नहीं आने का अनुरोध किया था।’
-डीके शिवकुमार, मुख्यमंत्री कर्नाटक।

