June 6, 2026

अस्पताल में बढ़ रहे हाई ब्लड प्रेशर के मामले, 250 तक मरीज पहुंच रहे उपचार के लिए

Noida/Alive News: भागदौड़ भरी जीवनशैली, बढ़ता तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थिति यह है कि नोएडा जिला अस्पताल में प्रतिदिन 200 से 250 मरीज हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित शिकायतों के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यह बीमारी अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि युवा और किशोर भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

जिला अस्पताल के बीएमएस आशुतोष ने बताया कि वर्तमान समय में हाई ब्लड प्रेशर एक आम बीमारी के रूप में उभर रहा है। इसके शुरुआती लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते, इसलिए इसे “साइलेंट किलर” कहा जाता है। लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर, हार्ट फेलियर और आंखों की रोशनी कम होने जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। पहले यह समस्या मुख्य रूप से 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब 35 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके अलावा किशोरों और युवाओं में भी हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। सुबह से ही मरीज लंबी लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते है। 

उनके अनुसार असंतुलित आहार, अत्यधिक नमक का सेवन, लंबे समय तक तनाव, पर्याप्त नींद न लेना, व्यायाम की कमी, मोटापा, धूम्रपान और गर्मी के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव हाई ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारण हैं। गर्मियों में शरीर में पानी की कमी होने से भी   ब्लड प्रेशर  प्रभावित हो सकता है।

ये सावधानियां जरूरी

नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराएं, भोजन में नमक और तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें, रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या पैदल चलें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें, धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें, पर्याप्त और नियमित नींद लें। साथ ही समय रहते हाई ब्लड प्रेशर की पहचान और उपचार से गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता है।