Faridabad/Alive News: उपायुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया के मार्गदर्शन में वीरवार को जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ संभावित शहरी क्षेत्र ओल्ड अंडरपास में जिला स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित बाढ़ अथवा जलभराव जैसी आपात परिस्थितियों में विभिन्न विभागों एवं राहत एजेंसियों की तत्परता, समन्वय क्षमता तथा बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करना था, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
मॉक ड्रिल की शुरुआत सुबह नौ बजे साइरन बजने के साथ हुई। इसके बाद सेक्टर-12 स्थित खेल परिसर से विभिन्न रेस्क्यू एवं राहत टीमें अपने-अपने निर्धारित स्थलों के लिए रवाना हुईं। इस दौरान एसडीआरएफ, एम्बुलेंस सेवा, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस, रेडक्रॉस, नेवी एनसीसी बॉयज एवं गर्ल्स कैडेट सहित अन्य संबंधित विभागों एवं एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। मॉक अभ्यास के दौरान राहत एवं बचाव दलों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा आवश्यक संसाधनों की त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने का अभ्यास किया। अभ्यास के दौरान यह दर्शाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में किस प्रकार विभिन्न विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सीमित समय में राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम दे सकते हैं।
रेस्क्यू टीमों ने नावों, रस्सियों तथा अन्य आधुनिक उपकरणों की सहायता से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घायलों को प्राथमिक उपचार देने तथा उन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की कार्यवाही का अभ्यास किया। फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस की टीमों ने भी आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं का प्रदर्शन करते हुए अपनी तत्परता दिखाई।
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समय-समय पर इस प्रकार के अभ्यास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ अथवा जलभराव जैसी परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय ही जनजीवन को सुरक्षित रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फरीदाबाद एसडीएम डॉ. हनी बंसल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है।

