Chandigarh/Alive News: चंडीगढ़ में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी ने पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की सबसे जरूरी नींव है और इसके बिना लोकतंत्र अधूरा है।
उन्होंने बताया कि आज के समय में प्रेस की आज़ादी कई चुनौतियों का सामना कर रही है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, प्रेस स्वतंत्रता के मामले में भारत 157वें स्थान पर है, जो चिंता की बात है।
राठी ने यूनेस्को और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए समिति के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साल 2024 में 68 पत्रकारों की हत्या हुई थी, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 129 हो गई। उन्होंने कहा कि कई मामलों में दोषियों को सजा नहीं मिलती, जो एक गंभीर समस्या है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में पत्रकारों को धमकियां, हमले और झूठे केस झेलने पड़ रहे हैं, खासकर छोटे स्तर पर काम करने वाले पत्रकार ज्यादा असुरक्षित हैं।
राठी ने सरकार से मांग की कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाए जाएं और ऐसे मामलों में तेजी से और निष्पक्ष कार्रवाई हो। साथ ही मीडिया संस्थानों से अपील की कि वे सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता को प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस सिर्फ एक औपचारिक दिन नहीं, बल्कि यह प्रेस की आज़ादी की रक्षा और सुरक्षित माहौल बनाने का संकल्प लेने का दिन है।

