New Delhi/Alive News: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि भविष्य में लोकसभा सीटों की संख्या कैसे बढ़ेगी और परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि अभी लोकसभा में 543 सीटें हैं। परिसीमन के बाद इन सीटों में करीब 50% बढ़ोतरी होगी और कुल संख्या लगभग 816 हो जाएगी। 850 का आंकड़ा सिर्फ एक अनुमानित (राउंड फिगर) है।
शाह ने उदाहरण देकर समझाया कि अगर सीटें बढ़ाई जाती हैं, तो महिला आरक्षण (33%) लागू करने में भी आसानी होगी और संतुलन बना रहेगा।
उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत के राज्यों को भी इसका फायदा मिलेगा। दक्षिण के 5 राज्यों की कुल सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी।
- तमिलनाडु: 39 से 59 सीट
- केरल: 10 सीटों की बढ़ोतरी
- तेलंगाना: 9 सीटें बढ़ेंगी
- आंध्र प्रदेश: 13 सीटें बढ़ेंगी
इसके अलावा उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को भी ज्यादा सीटें मिलेंगी।
शाह ने यह भी साफ किया कि परिसीमन के कानून में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर होगी। इसका मौजूदा चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
विपक्ष ने जताई आपत्ति:
चर्चा के दौरान विपक्षी नेताओं ने इस पर सवाल उठाए।
- प्रियंका गांधी ने कहा कि मौजूदा 543 सीटों में ही महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जा सकता है।
- असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इससे ज्यादा आबादी वाले राज्यों को फायदा मिलेगा और दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय होगा।
- अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यह योजना कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है।
- डीएमके सांसद टीआर बालू ने इन बिलों का विरोध किया।
कुल मिलाकर, सरकार का कहना है कि सीटें बढ़ाने से सभी राज्यों को फायदा होगा, जबकि विपक्ष इसे लेकर सवाल उठा रहा है।

