June 6, 2026

भारत मंडपम: इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर मीडिया नदारद, मैनेजमेंट की कार्यशैली पर उठे सवाल

New Delhi/Alive News: ​प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम के भव्य ऑडिटोरियम में इन दिनों ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (IFFD) 2026’ की धूम है। देश-दुनिया के दिग्गज फिल्म अभिनेता, अभिनेत्री, लेखक और निर्देशकों का जमावड़ा लगा हुआ है। लेकिन इस चकाचौंध के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने महोत्सव के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​हैरानी की बात यह रही कि रेड कार्पेट पर जहां सितारों की एक झलक पाने के लिए मीडिया का हुजूम होना चाहिए था, यहां पर बीते शनिवार करीब शाम छह बजे के बाद सन्नाटा पसरा नजर आया। शनिवार की शाम को रेड कार्पेट कार्यक्रम स्थल पर आये सितारे जैसे अनिरुद्धा रॉय चौधरी, म्यूजिक डायरेक्टर बिक्रम घोष के सामाने पोडियम पर एक भी मीडिया आईडी नही थी। आलम यह था कि कार्यक्रम स्थल पर पीआर कम्पनी ने कुछ छात्रों को आगे कर सितारों को मेनेज किया।

अगले दिन रविवार को भी कार्यक्रम स्थल पर पीआर कम्पनी ने पत्रकारों की संख्या दिखाने के लिए और सितारों से सवाल पूछने के लिए छात्रों का सहारा लिया। कुल मिलाकर कार्यक्रम स्थल पर पत्रकार नदारद रहे। क्योंकि शुभारंभ पर ही पत्रकारों और ऑडिएंस को इंट्री पास होने के बाद भी की घंटे कार्यक्रम में प्रवेश नही करने दिया गया। इसका विरोध होने के बाद शाम पांच बजे इंट्री हुई। यहां पर पत्रकारों को खुद आगे बढ़कर मैनेजमेंट के लोगों से यह पूछना पड़ा कि— “क्या मीडिया को इस बार आमंत्रित ही नहीं किया गया?”

सितारों की चमक, मीडिया का अभाव
​सोमवार को जब रेड कार्पेट पर फिल्मी हस्तियां उतर रही थीं, तो वहां गिने-चुने कैमरों के अलावा कोई हलचल नहीं थी। अक्सर फिल्म फेस्टिवल्स में मीडिया और पीआर (PR) टीम का सबसे ज्यादा फोकस रेड कार्पेट पर होता है, लेकिन यहां नजारा बिल्कुल उल्टा था। बड़े बैनर और नामी कलाकारों के होने के बावजूद कवरेज के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होना चर्चा का विषय बना रहा।

मैनेजमेंट की चुप्पी और अव्यवस्था
​जब मौके पर मौजूद पत्रकारों ने प्रबंधन टीम से इस ‘मीडिया मिसमैनेजमेंट’ पर सवाल किए, तो संतोषजनक जवाब देने के बजाय चुप्पी साधे नजर आए। सवाल यह उठता है कि क्या यह दिल्ली सरकार की महज एक चूक है या फिर सरकार द्वारा फेस्टिवल पर करोड़ों खर्च कर जानबूझकर मीडिया को इस महत्वपूर्ण आयोजन से दूर रखा गया है?

​प्रशंसकों में भी दिखा उत्साह, पर इंटरनेशनल फेस्टिवल की कवरेज नाममात्र की : फिल्म प्रेमियों के लिए यह फेस्टिवल एक बड़ा अवसर है, जहां अर्जन बाजवा, मधु शाह प्रोड्यूसर कंदस्वामी, डायरेक्टर अनिरुद्धा रॉय चौधरी, म्यूजिक डायरेक्टर बिक्रम घोष जैसे कलाकारों ने अपने अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स (Demon Hunters) पर चर्चा की। लेकिन इवेंट की ग्राउंड रिपोर्टिंग और मीडिया बाइट्स के अभाव में यह जानकारी आम जनता तक उस प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पाई, जैसी एक ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ से उम्मीद की जाती है।

​दिल्ली को ग्लोबल फिल्म हब बनाने के सरकार के दावों के बीच, आयोजन में इस तरह की अव्यवस्था और मीडिया के प्रति उदासीन रवैया महोत्सव की साख पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। अब देखना यह होगा कि मीडिया मैनेजमेंट करने वाली एजेंसी और संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है या फिर दिल्ली सरकार इस चूक को ठंडे बस्ते में डाल देगी।