Faridabad/Alive News: सतयुग दर्शन वसुन्धरा परिसर में रामनवमी यज्ञ वार्षिक महोत्सव की पूर्व संध्या पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में सतवस्तु के कुदरती ग्रंथ की सवारी, बैंड-बाजे, नृत्य प्रस्तुत करते बाल कलाकारों और श्वेत वस्त्रों में हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
शोभायात्रा ‘समभाव-समदृष्टि’ स्कूल के ध्यान कक्ष पहुंची, जहां ट्रस्ट के मार्गदर्शक श्री सजन जी ने ध्यान कक्ष की महिमा, महत्ता और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह स्थान केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, आत्मपरिष्कार और मानसिक संतुलन का दिव्य स्थल है।
उन्होंने कहा कि ध्यान साधना के माध्यम से विद्यार्थियों में समभाव, धैर्य, करुणा और नैतिकता का विकास होता है, जो उन्हें जीवन में संतुलन और सही दिशा प्रदान करता है। साथ ही यह केंद्र सामाजिक समरसता और “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को भी मजबूत करता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी से समभाव-समदृष्टि के सिद्धांतों को अपनाकर जीवन में नैतिकता और सज्जनता लाने का आह्वान किया गया।

