March 18, 2026

सरकारी खरीद से पहले मंडियों में सरसों की आवक, एमएसपी से कम दाम पर बेचने को मजबूर किसान

Faridabad/Alive News: सरकार द्वारा सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू करने की घोषणा के बावजूद मंडियों में फसल की आवक शुरू हो गई है। ऐसे में किसान समर्थन मूल्य से 200 से 400 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर अपनी उपज बेचने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार बल्लभगढ़ मंडी सहित जिले की अन्य मंडियों में सरसों पहुंचने लगी है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण व्यापारियों द्वारा नमी का हवाला देकर कम कीमत पर खरीद की जा रही है।

जिले में करीब 1100 एकड़ भूमि पर सरसों की खेती की गई है, जबकि 697 किसानों ने ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। जिले की छह मंडियों में से बल्लभगढ़ मंडी और तिगांव मंडी को सरकारी खरीद के लिए चुना गया है, लेकिन अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि किस एजेंसी द्वारा खरीद की जाएगी।

सरकार ने इस वर्ष सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पिछले साल के 5950 रुपये प्रति क्विंटल से 250 रुपये अधिक है। इसके बावजूद खरीद में देरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि सरसों की कटाई जारी है और उन्हें फसल बेचने के लिए मंडियों में आना पड़ रहा है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने से उन्हें मजबूरी में कम दाम पर उपज बेचनी पड़ रही है।

क्या कहना है सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी का

सरकार ने सरसों की सरकारी खरीद शुरू करने के लिए 28 मार्च से कहा है। अभी तक यह नहीं बताया कि कौन सी एजेंसी सरसों की सरकारी खरीद करेगी। मंडी में जो सरसों अभी किसान लेकर आ रहे हैं, उसमें नमी ज्यादा है। यही कारण है कि आढ़ती सरसों को सूखा रहे हैं और नमी ज्यादा होने के नाम पर सस्ता खरीद रहे हैं। किसान सरसों को पूरी तरह से सूखा कर लाएं, ताकि अच्छी कीमत पर खरीदी जा सके।
-इंद्रपाल सिंह, सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी बल्लभगढ़