Delhi/Alive News: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग तेज होती जा रही है। इन सब के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने यह सवाल उठाया है कि क्या ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं? इसके बाद नए सुप्रीम लीडर की हालत को लेकर फिर से अटकलें लगाई जाने लगी हैं।
शनिवार को एनबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई साफ सबूत नहीं दिखा है जिससे यह पता चले कि 56 साल के यह नेता अभी भी जिंदा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता संभालने के बाद खामेनेई का पहला संदेश सार्वजनिक रूप से सामने आकर नहीं, बल्कि लिखकर भेजा गया था।
‘तेजी से फैल रहीं अफवाहें’
ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं पता कि वह जिंदा भी हैं या नहीं। अब तक कोई भी उन्हें दिखा नहीं पाया है।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि खामेनेई के बारे में तरह-तरह की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं।
ट्रंप ने कहा, “मुझे सुनने में आ रहा है कि वह जिंदा नहीं हैं और अगर वह जिंदा हैं तो उन्हें अपने देश के लिए कुछ बहुत समझदारी भरा काम करना चाहिए और वह काम है आत्मसमर्पण।” यह कहने के बाद उन्होंने उनकी मौत की खबरों को महज एक “अफवाह” बताया।
सुप्रीम लीडर बनने के बाद सामने नहीं आए मोजतबा
इस महीने की शुरुआत में अपनी नियुक्ति के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिससे ईरान के अंदर और बाहर उनकी सेहत और ठिकाने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में ईरानी अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि शुरुआती हमलों के दौरान उन्हें चोट लगी हो सकती है, जिसमें उनके पैरों में लगी चोटें भी शामिल हैं।
वहीं, ईरानी सरकारी टेलीविजन ने भी उन्हें मौजूदा युद्ध का “घायल सैनिक” बताया है। हालांकि उसने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। ईरानी अधिकारियों ने अटकलों को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि धर्मगुरु अभी काम करने की हालत में नहीं हैं।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि नए सर्वोच्च नेता के साथ “कोई समस्या नहीं” है। यह बात उन्होंने तब कही जब अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने दावा किया था कि वे घायल हो गए हैं और संभवतः उनका चेहरा भी बिगड़ गया है।
खामेनेई की हालत को लेकर यह अनिश्चितता ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्रीय युद्ध लगातार बढ़ता जा रहा है।

