Faridabad/Alive News: हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़ को ‘मनरेगा बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत चंडीगढ़ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम से एक दिन पूर्व पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित विशाल विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होने से एक दिन पहले रात से ही उनके निवास स्थान पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अगले दिन सुबह लगभग 10 बजे तक फरीदाबाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।
“लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” : सुमित गौड़
सुमित गौड़ ने अपने बयान में कहा कि वे हरियाणा कांग्रेस के आह्वान पर सैकड़ों समर्थकों के साथ चंडीगढ़ प्रस्थान करने वाले थे, किंतु उससे पहले ही उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि आम आदमी की आवाज़ और उसके दुख-दर्द की लड़ाई लड़ने से उन्हें रोका जा रहा है। इस कार्रवाई को उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है।
गौड़ ने कहा कि इस प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास प्रतीत होती है।
“संकल्प और मजबूत होगा”
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी सदैव जनहित के मुद्दों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि रोक-टोक और दबाव की राजनीति से उनका संकल्प कमजोर नहीं होगा, बल्कि वे और अधिक दृढ़ता के साथ जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
उन्होंने प्रशासन से लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने तथा शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों में अनावश्यक बाधा न डालने की मांग की।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्टी ने भी इस कार्रवाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज़ को दबाना स्वस्थ परंपरा नहीं है और सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। सुमित गौड़ ने दोहराया कि वे भविष्य में भी जनता की आवाज़ को और अधिक बुलंद तरीके से उठाते रहेंगे।

