Faridabad/Alive News: स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में कराए गए कई कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। कई प्रमुख सड़कों की हालत खराब हो चुकी है और निर्माण कार्यों में लापरवाही के आरोप भी सामने आए हैं। इसके बावजूद स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत 26 करोड़ 57 लाख 58 हजार 746 रुपये के नए कार्य के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार यह टेंडर 2 मार्च को खोला जाएगा, जिसके बाद कार्य आवंटित किया जाएगा। यह प्रक्रिया स्मार्ट सिटी के कार्यकारी अभियंता संजीव कुमार की निगरानी में की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड का निर्धारित कार्यकाल करीब तीन वर्ष पूर्व ही पूरा हो चुका है। नियमों के अनुसार इसके बाद परियोजनाओं और दायित्वों को नगर निगम को हस्तांतरित किया जाना था, लेकिन अभी तक पूर्ण रूप से हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में नए टेंडर जारी किए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
42 करोड़ की स्मार्ट रोड की हालत खस्ता
पुलिस लाइन चौक से सेक्टर-19 और 28 को जोड़ने वाली बड़खल स्मार्ट रोड लिंक का निर्माण भी स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किया गया था। इस परियोजना पर करीब 42 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
हालांकि वर्तमान में सड़क की स्थिति बदहाल बताई जा रही है। निर्माण के दौरान कई स्थानों पर मैनहोल दो से तीन फुट नीचे दबा दिए गए, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जगह-जगह सड़क उखड़ चुकी है, ग्रिल टूट चुकी हैं और फुटपाथ क्षतिग्रस्त हैं। इसके अलावा अतिक्रमण की समस्या भी गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इतनी बड़ी लागत से बनी सड़क का कुछ ही समय में जर्जर हो जाना परियोजना की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब जब मिशन की समयावधि समाप्त हो चुकी है, तब नए टेंडर जारी किए जाने को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठ रही है।
क्या कहना है प्रबंधक का
सरकार के आदेश के बाद ही हमने टेंडर लगाया है। यदि स्मार्ट सिटी मिशन को बंद किया जाएगा तो यह काम किसी अन्य विभाग की निगरानी में पूरा किया जाएगा।
- बीर सिंह, प्रबंधक, स्मार्ट सिटी मिशन

