March 7, 2026

सूरजकुंड मेले की झूला दुर्घटना: जांच समिति और निरीक्षण समिति अलग-अलग

Faridabad/Alive News: उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में झूला दुर्घटना को लेकर गठित जांच समिति और मेले में झूलों के नियमित निरीक्षण के लिए बनाई गई समिति दो अलग-अलग समितियां हैं। दोनों की संरचना, उद्देश्य और कार्यक्षेत्र भिन्न हैं तथा इनके सदस्यों में कोई समानता नहीं है। दोनों को एक ही समिति बताना भ्रामक है।

डीसी ने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले से एक नियमित मॉनिटरिंग/निरीक्षण समिति गठित की गई थी, जिसे झूलों और उपकरणों का लगातार निरीक्षण कर हर 24 घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश थे। इसमें विभिन्न विभागों के इंजीनियर, अग्निशमन अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे।

दुर्घटना के बाद तथ्यों की विस्तृत जांच के लिए एक अलग जांच समिति बनाई गई है। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त-सह-मेला प्रशासक कर रहे हैं, जबकि डीसीपी (एनआईटी), मैकेनिकल विशेषज्ञ, सिंचाई विभाग और एचएसवीपी के अभियंता सदस्य हैं। समिति का उद्देश्य दुर्घटना के कारणों का पता लगाना और जिम्मेदारी तय करना है।

उपायुक्त ने कहा कि जांच तेजी से जारी है और सभी पहलुओं की गंभीरता से समीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।