Faridabad/Alive News: कोट गांव में अरावली की रेतीली पहाड़ियों के कुछ हिस्सों को समतल किए जाने का मामला सामने आया है। आशंका जताई जा रही है कि करीब 25 एकड़ भूमि को समतल कर अवैध निर्माण की तैयारी की जा रही थी। ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया और जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों में लगभग दो एकड़ जमीन समतल कर दी गई। ग्रामीणों के अनुसार यह कार्य एक निजी कंपनी द्वारा कराया जा रहा था और संबंधित जमीन को लेकर कंपनी मालिक के साथ कोर्ट में विवाद भी चल रहा है। आशंका है कि यहां फार्म हाउस बनाने की तैयारी थी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समतलीकरण के दौरान प्राकृतिक जल स्रोतों को मिट्टी में दबा दिया गया और पेड़ों की कटाई भी की गई। उन्होंने बताया कि यह गांव की आम जमीन है, जिस पर कब्जा करना, स्वरूप बदलना, बेचना या निजी उपयोग में लेना प्रतिबंधित है।
उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र पीएलपीए के तहत अधिसूचित अरावली क्षेत्र में आता है, जहां बिना अनुमति पेड़ काटने, मिट्टी हटाने या गैर-वन गतिविधियों पर रोक है। ग्रामीणों ने इतने बड़े स्तर पर हो रहे कार्य की जानकारी वन विभाग को पहले न होने पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या कहना है सरपंच का
यह गांव की आम जमीन है। ऐसी किसी भी एक्टिविटी के लिए कोई इजाजत नहीं दी गई है। तलहटी को समतल करने से ग्राउंडवाटर रिचार्ज रुक जाएगा, बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। गांव के हजारों लोगों की सुरक्षा खतरे में डाल दी है।
-केसर सिंह, सरपंच, कोट गांव।
क्या कहना है जिला वन अधिकारी का
अरावली वन क्षेत्र में जमीन को समतल करने के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। बृहस्पतिवार को इस संबंध में शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-सुरेंद्र डांगी, जिला वन अधिकारी, फरीदाबाद।

