March 7, 2026

सूरजकुंड मेला हादसे के बाद 72 दुकानें और 14 झूले बंद, 800 परिवारों की रोज़ी पर संकट

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में चल रहे 39वें इंटरनेशनल सूरजकुंड मेले में झूला गिरने के हादसे के बाद बड़ा फैसला लिया गया है। हादसे में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत और 12 लोगों के घायल होने के बाद पर्यटन विभाग ने मेले के एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन को पूरी तरह बंद कर दिया है। इससे करीब 800 परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन में 14 छोटे-बड़े झूले और लगभग 72 दुकानें थीं। इन दुकानों पर 2 से 6 लोग काम करते थे। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने दुकान लगाने के लिए लाखों रुपये किराए में दिए थे और कई लोग कर्ज लेकर सामान खरीदकर मेला स्थल पहुंचे थे, लेकिन अब अचानक दुकानें बंद हो जाने से भारी नुकसान हो रहा है।

दुकानदारों का आरोप है कि पर्यटन विभाग की ओर से न तो कोई साफ जवाब दिया जा रहा है और न ही अब तक रिफंड या किसी वैकल्पिक व्यवस्था का भरोसा दिया गया है। पर्यटन विभाग के एमडी डॉ. पार्थ गुप्ता ने कहा है कि मेला समाप्त होने (15 फरवरी) तक एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन बंद रहेगा। दुकानों को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है।

दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर निवासी श्रवण कुमार ने बताया कि उन्होंने मेले में 11 दुकानें किराए पर ली थीं, जिनके लिए 11 लाख रुपये तय हुए थे। अब तक 5 लाख रुपये जमा करा चुके हैं। वीकेंड पर अच्छी बिक्री हो रही थी, लेकिन हादसे के बाद सभी दुकानें बंद हो गईं।
दिल्ली से आए खिलौना दुकानदार राम लखन और पंजाब के फरीदपुर निवासी सोनू ने भी बताया कि बिक्री शुरू होते ही उनकी दुकानें बंद करा दी गईं।
वहीं, यूपी के अफीज रहमान ने बताया कि मोबाइल कवर बेचकर रोजाना करीब 3 हजार रुपये की कमाई हो रही थी, लेकिन अब दुकान बंद होने से सब रुक गया है।

पर्यटन विभाग के एमडी ने कहा कि झूलों की जांच के लिए एक कमेटी बनी हुई थी, जो रोजाना निरीक्षण करती थी। हादसे की जांच ADC सतबीर मान की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। पुलिस ने भी ACP वरुण दहिया के नेतृत्व में SIT बनाई है। इस मामले में वेंडर मोहम्मद शाकिल और उसके साथी नितेश को गिरफ्तार किया गया है।

हालांकि, मेले के अन्य हिस्से जैसे क्राफ्ट बाजार, फूड कोर्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम अभी भी खुले हैं। 46 देशों से आए कलाकार और दुकानदार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। हादसे के बाद सुबह भीड़ कम रही, लेकिन शाम होते-होते मेले में फिर से रौनक लौट आई।

गौरतलब है कि 7 फरवरी की शाम करीब 6:15 बजे सुनामी झूले पर सवार 26 लोगों के साथ यह हादसा हुआ था। झूला टूटकर गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में पलवल के चांदहट थाने के SHO जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हुए थे।